
शिमला-जसपाल ठाकुर
हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में घाटे में चल रहे 63 राशन डिपुओं को बंद करने पर विचार कर रही है। शिमला जिले के जुबल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 19 डिपो बंद किए जाएंगे।
चौपाल में 8, कसुम्पटी, रामपुर, सोलन, शिमला ग्रामीण और चंबा में एक-एक, रेणुका, भरमौर, डलहौजी, लाहौल-स्पीति में दो-दो, रोहडू में चार, धर्मशाला में, शिमला शहरी में तीन-तीन, रामपुर में 5 और ठियोग में 6 डिपो बंद किए जाएंगे।
यह बात खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने विधायक ठाकुर सुखविंद्र सुक्खू और नरेंद्र ठाकुर के सवाल के लिखित जवाब में कही। मंत्री ने कहा कि डिपो होल्डर्स की सेल पर कमीशन की बढ़ोतरी करने का मामला सरकार के विचाराधीन नहीं है।
तीन साल में सहायक, कनिष्ठ अभियंताओं के 509 पद भरे : मुख्यमंत्री
सरकार ने लोक निर्माण विभाग में पिछले तीन साल में सहायक और कनिष्ठ अभियंताओं के 509 पद भरे हैं। विभाग में सेवानिवृत्ति और स्थानांतरण के कारण खाली हुए 166 पद भी सरकार जल्द भरेगी। यह जानकारी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधायक रमेश धवाला के सवाल के लिखित जवाब में दी। बताया कि विभाग में 209 पद सीधी भर्ती 300 पद पदोन्नति से भरे गए हैं।
बिजली दरें कम करने का अभी विचार नहीं : सुखराम
ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने कहा कि प्रदेश में बिजली की दरें कम करने का अभी कोई विचार नहीं है। प्रश्नकाल के दौरान विधायक रमेश धवाला के सवाल पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में देश से सबसे सस्ती बिजली दी जा रही है। विनियामक आयोग दरें तय करता है। प्रति माह 60 यूनिट तक बिजली प्रयोग करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को सरकार सबसे ज्यादा सब्सिडी दे रही है। वर्ष 2019-20 में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरें पांच पैसे प्रति यूनिट बढ़ाई गई थीं। उसके बाद दरों में बढ़ोतरी नहीं हुई है।
135 करोड़ तक बनेगी विधायक प्राथमिकता की डीपीआर : जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधायक मुल्खराज के पर कहा कि प्रदेश के हर गांव को सड़क से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार ने प्रति चुनाव क्षेत्र में विधायक प्राथमिकता स्कीमों की डीपीआर नाबार्ड को प्रेषित करने की अधिकतम सीमा 135 करोड़ निश्चित की है। पहले 80 करोड़ की डीपीआर भेजी जाती थी। इसमें 55 करोड़ की बढ़ोतरी की गई है।
