हिमाचल पशु मित्र भर्ती: 25 किलो की बोरी उठाकर दौड़ लगा रही महिला गिरी, Video Viral होते ही फूटा लोगों का गुस्सा

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हिमखबर डेस्क

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला से सामने आई एक तस्वीर ने प्रदेश में बेरोजगारी के आलम और सरकारी सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला अभ्यर्थियों को सिर पर भारी बोरी उठाकर दौड़ते हुए देखा जा सकता है।

इसी दौरान एक महिला संतुलन बिगड़ने से बोरी समेत जमीन पर गिर गई, लेकिन कुछ ही सेकेंड बाद दोबारा उठकर वह परीक्षा पूरी करती नजर आई। यह वीडियो पशुपालन विभाग में ‘पशु मित्र’ पदों की भर्ती से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसने भर्ती मानकों और बेरोजगारी के हालात पर नई बहस छेड़ दी है।

वीडियो देख सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा

जानकारी के अनुसार, यह दृश्य मंडी जिले के धर्मपुर स्थित डिग्री कॉलेज मैदान का है, जहां पशु मित्र पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान महिला उम्मीदवारों को लगभग 25 किलो वजन की बोरी उठाकर दौड़ना पड़ा।

इसी दौरान एक महिला संतुलन बिगड़ने से बोरी समेत जमीन पर गिर गई, लेकिन कुछ ही सेकेंड बाद दोबारा उठकर परीक्षा पूरी करती नजर आई। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स इसे बेरोजगार युवाओं की मजबूरी और नौकरी पाने की कठिन राह का प्रतीक बता रहे हैं। वहीं, कुछ लोग भर्ती प्रक्रिया को महिलाओं के लिए अपमानजनक और असुरक्षित बता रहे हैं।

राजनीतिक स्तर पर भी यह मामला चर्चा में

राजनीतिक स्तर पर भी यह मामला चर्चा में है। विपक्षी दलों द्वारा भर्ती प्रक्रिया के मानकों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि सत्ता में आने से पहले जिस तरह की परीक्षाओं पर आपत्ति जताई गई थी, अब उसी तरह की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। हालांकि, सरकार और विभाग की ओर से इस पर सफाई दी जा रही है।

पशुपालन विभाग का तर्क है कि यह सब केवल अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता जांचने के लिए किया जा रहा है। पशुपालन विभाग का कहना है कि पशु मित्रों को फील्ड ड्यूटी के दौरान भारी शारीरिक काम करने पड़ते हैं। विभाग के निदेशक संजीव कुमार धीमान के अनुसार, पशुओं के इलाज या टीकाकरण के समय अभ्यर्थियों को भारी उपकरण और सिलेंडर उठाने पड़ सकते हैं, इसलिए शारीरिक फिटनेस की जांच जरूरी है।

मात्र 5000 मानदेय, फिर भी हजारों की भीड़

हैरानी की बात यह है कि इतनी कठिन चयन प्रक्रिया और भारी संघर्ष के बावजूद, चयनित अभ्यर्थियों को प्रति माह केवल 5,000 रुपये मानदेय मिलेगा। प्रदेश भर में कुल 500 ‘पशु मित्रों’ की भर्ती की जा रही है, जिसके लिए भारी संख्या में बेरोजगार युवा अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

एक मिनट में 100 मीटर दूरी तय करने का था लक्ष्य

धर्मपुर के महाविद्यालय के मैदान में आयोजित पशु मित्र भर्ती प्रक्रिया में 147 आवेदकों में से 130 ने भाग लिया। लक्ष्य था 25 किलो वजन उठाकर एक मिनट में 100 मीटर की दूरी तय करने का। इसी टास्क को पूरा करते वक्त जब दौड़ लगी तो एक बेटी इस वजन को उठाकर दौड़ी, लेकिन गिर गई। उसने हौसला नहीं हारा और अंत तक दौड़ पूरी की। मौके पर मौजूद विभाग के अधिकारियों ने उसका हौसला बढ़ाया।

दस्तावेज देखे तो अधिकारी रह गए दंग

जब अधिकारियों ने उसके दस्तावेज देखे तो हैरान थे, दसवीं में 77 प्रतिशत के करीब अंक। पढ़ने में अच्छी इस बेटी का इतना ही तर्क था कि वह अपने परिवार की मदद करना चाहती है, इसलिए नौकरी की इच्छा है। इसकी तरह कई अन्य बेटियां भी इस 25 किलो वजन के साथ अपने सपनों को पूरा करने के लिए भाग रही हैं।

भर्ती के लिए विशेष उपसमिति का गठन

वहीं अधिकारियों की मानें तो भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए विभाग की ओर से एक विशेष उपसमिति का गठन किया गया है। यह उपसमिति सभी अभ्यर्थियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन कर मेरिट सूची तैयार करेगी, जिसे 14 मार्च तक उपनिदेशक, पशुपालन विभाग मंडी को भेजा जाएगा। अंतिम चयन परिणाम की घोषणा भी वहीं से की जाएगी।

क्या कहते हैं अधिकारी

वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डा. घनश्याम भूपल ने बताया कि पूरी भर्ती प्रक्रिया विभागीय नियमों और निर्धारित मानकों के अनुसार शांतिपूर्ण व पारदर्शी तरीके से संपन्न करवाई जा रही है।

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