शिमला, 01 नवंबर – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन द्वारा लिए गए हैंडबॉल टीम के ट्रायल पर खिलाड़ियों ने आपत्ति जताई है। खिलाडियों ने एक निजी हैंडबॉल अकादमी की संचालिका पर धांधली के आरोप जड़े है। चयनित टीम बुधवार को नेशनल गेम्स में हिस्सा लेने रवाना हो गई।
दरअसल, खिलड़ियों का कहना है कि हिमाचल की महिला हैंडबॉल टीम का ट्रायल 30 अक्तूबर को बिलासपुर में लिया गया। ट्रायल के लिए ओलंपिक एसोसिएशन द्वारा 3 चयनकर्ता तैनात किये गए थे। जिनमें निजी हैंडबॉल अकादमी संचालिका भी थी।
ट्रायल के समय निजी हैंडबॉल अकादमी की संचालिका की मौजूदगी पर भी आपत्ति जताई गई थी। ट्रायल (Trial) में हिस्सा लेने वाली 50 में से 23 खिलाड़ी महिला के ही अकादमी की प्लेयर थीं।
इस बारे खिलाड़ियों ने इस बारें में ओलम्पिक एसोसिएशन द्वारा नियुक्त चयन समिति के अध्यक्ष डीडी तनवर ने बात की गई तो बात को अनसुना कर दिया गया। ट्रायल के बाद खिलाड़ियों (Players) को चयनित खिलाड़ियों की सूचना कोच को देने की बात कही गई।
खिलड़ियों ने बताया कि जब चयन के बारे में पता किया तो हैंडबॉल अकादमी संचालिका स्नेहलता ने 16 खिलाड़ियों की टीम में 15 खिलाड़ी अपने ही अकादमी से चयन करवा लिए।
आरोप ये भी है कि ओलम्पिक एसोसिएशन द्वारा जानबुझ कर निजी हैंडबॉल अकादमी मोरसिंघी को फायदा देने के लिए अकादमी की संचालिका को चयनकर्ता बनाया गया।
खिलाडियों का कहना है कि यदि बिलासपुर की हैंडबाल अकादमी मोरसिंघी के खिलाड़ियों का चयन करना था तो ओलम्पिक एसोसिएशन ने ट्रायल लेने का ड्रामा क्यों किया? कुल्लू, ऊना, मंडी, सिरमौर जिलों के खिलाड़ियो को ट्रायल के नाम पर इतनी मेहनत क्यों करवाई?
गत बर्ष हैंडबाल की स्टेट चैंपियनशिप सोलन में आयोजित की गई थी, जिसमें हिमाचल से 100 के लगभग महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया था। जबकि मोरसिंघी की हैंडबॉल अकादमी का एक भी खिलाड़ी उस प्रतियोगिता में नहीं आया था। टीम में चयनित खिलाड़ी हिमाचल प्रदेश की जगह पिछले साल राजस्थान से नेशनल खेले।
चयनित खिलाड़ी लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी जालंधर से खेलती हैं, जबकि पूरा वर्ष मोरसिंघी में रहती हैं। अब जब नेशनल गेम्स में हिमाचल की टीम जानी थी तो ओलंपिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मिलकर संचालिका ने खुद को चयनकर्ता बनवाया। टीम के 16 सदस्य में से 15 खिलाड़ी अपनी ही अकादमी के चयन किए।

