सुनों सरकार गरीबी की दहलीज पर पड़ा दिव्यांग आईआरडीपी से क्यों वंचित

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अति गरीब दिव्यांग गंगे राम परिवार के साथ एक कमरे में रहने को मजबूर, सैंज घाटी के जरूरतमंद को नहीं मिला सरकारी योजनाओं का लाभ

कुल्लू-आदित्य

सैंज घाटी के देहुरी धार पंचायत शेंशर स्थित तुंग गांव के रहने वाले दिव्यांग गंगे राम सरकारी योजनाओं से वंचित है। इन्हे आजतक किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला। जबकि गंगा राम पूरी तरह से अपंग है। यह अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ पुराने मकान के एक कमरे में गुजारा करते हैं। तीनों बच्चे अभी बहुत छोटे हैं l बड़े दुख की बात है गरीब परिवार से संबंध रखने वाले दिव्यांग को आज तक आईआरडीपी में शामिल नहीं किया गया ।

लगभग सात साल पहले गंगे राम पशुओं को चारा लाने जंगल गए वहां ढांक से गिर गए और उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई । वह हमेशा के लिए अपंग हो गए l उसके उपरांत पत्नी प्रेमा देवी के ऊपर परिवार की पूरी जिम्मेदारी आ गई। इनकी दो बेटियां और एक बेटा हैं पत्नी मजदूरी करके परिवार का पलन पोषण कर रही हैं। दिव्यांग शहनाई वादक को अपंगता पेंशन तो मिलती हैं लेकिन हैरानी की बात है गरीब परिवार को पंचायत आजतक आईआरडीपी में शामिल नहीं कर पाई। अगर पंचायतें ऐसे पात्र परिवार को आईआरडीपी में शामिल नहीं करेगी तो फिर किसे करेगी।

एक समय था जब शहनाई वादक का शहनाई बजाने से उनके घर परिवार का खर्चा चलता था लेकिन अब अपंग होने के कारण शहनाई वादक का कार्य बंद है। गंगे राम अपनी संस्कृति संजोए रखने के लिए घर में ही शहनाई बजाते रहते हैं। उनका कहना है कि आने वाली पीढ़ी को भी हमारी संस्कृति का ज्ञान हो । नाजुक हालत में भी अपनी कला को जिंदा रखा है। आज भी अपनी शहनाई की सुरीली धुन से घर में बैठे-बैठे आसपास के लोगों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। गंगे राम को मलाल है कि उन्हें आज तक पंचायत ने आईडीपी में नहीं लिया और किसी सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिला।

उन्होंने काफी पहले ग्राम पंचायत और बीडीओ बंजार को अपनी माली हालत के बारे में पत्र देकर पूरी जानकारी दी l लेकिन गरीब की कहीं भी कोई सुनाई नहीं हुई l उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि गरीब को सरकारी योजना का लाभ दिया जाए।

इस पर क्या बोले बीडीओ बंजार और देहुरी धार पंचायत के प्रधान

वहीं डेहुरी धार पंचायत के प्रधान भगत राम का कहना है कि हमारी पंचायत ने 40 परिवार आईआरडीपी में है कोई अपना नाम कटवाने को तैयार नहीं l ग्राम सभा में कोई आपत्ति भी नहीं जताता है l गठित कमेटी ने सर्वे कर हाल ही में तीन परिवार आईआरडीपी में डाले हैं l वहीं बीडीओ बंजार केहर सिंह का कहना है कि ग्राम सभा में जो फैसला लिया जाता है उसी के हिसाब से आईआरडीपी में चयन होता है l

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