15 जनवरी से 10 फरवरी तक जनसंपर्क और रैलियां करने की मंडी में बनी रणनीति
मंडी – अजय सूर्या
सीटू से सबंधित मनरेगा व निर्माण मज़दूर यूनियन की राज्य कमेटी की बैठक आज कामरेड तारा चन्द भवन मंडी में राज्य अध्यक्ष जोगिन्दर कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई।जिसमें सीटू राज्य महासचिव प्रेम गौतम विशेष तौर पर शामिल हुए।
राज्य महासचिव भूपेंद्र सिंह ने बैठक में हुये फैसलों जानकारी देते हुए बताया है कि यूनियन राज्य सरकार द्धारा मनरेगा व निर्माण मज़दूरों को श्रमिक कल्याण बोर्ड से बाहर करने और उनकी सहायता रोकने के खिलाफ 15 जनवरी से गांव गांव में जनअभियान शुरू किया जायेगा और ज़िला स्तर पर विरोध रैलियां आयोजित की जायेंगी।
जिसके तहत 30 जनवरी को मंडी और कुल्लू 1 फ़रवरी को शिमला, रोहड़ू औऱ रामपुर 5 फ़रवरी को हमीरपुर 7 फ़रवरी को धर्मशाला 8 को बिलासपुर और 9 को ऊना, सोलन और चम्बा में रैलियां की जायेंगी।
भूपेंद्र सिंह ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में बनी कांग्रेस पार्टी की सरकार ने प्रदेश के साढ़े चार लाख निर्माण मज़दूरों के 50 करोड़ के लाभ गैर कानूनी तौर पर रोक दिए हैं। जिसके ख़िलाफ़ अब सभी ट्रेड यूनियनों ने सयुंक्त सँघर्ष समिति बना कर सरकार का विरोध करने का फ़ैसला किया है जिसके चलते अब अभियान चलाया जा रहा है और सँघर्ष तेज़ किया जाएगा।
बैठक में ये भी चर्चा की गई कि प्रदेश सरकार मनरेगा मज़दूरों को घोषित 240 रु दिहाड़ी के बजाये अभी तक 198 रु ही अदा कर रही है इसलिये बढ़ी हुई दिहाड़ी जल्दी जारी करने की भी मांग उठाई गई साथ ही मनरेगा मज़दूरों को प्रदेश सरकार की अन्य दिहड़ीदारों के लिए निर्धारित 375 रु मज़दूरी देने की भी मांग की गई।
वर्तमान में मज़दूरों को 40-50 दिनों का ही रोज़गार मिल रहा है जबकि क़ानून के तहत ये 100 दिनों का मिलना चाहिए।ऑनलाईन हाज़री और उसके बाद प्रोग्रेस मापने के नियम से भी मज़दूरों को परेशानी आ रही है।
ये रहे उपस्थित
बैठक में राष्ट्रीय उच्च मार्गों, फोरलेन, रेलवे, हाईडल और बीआरओ मज़दूरों की मांगों बारे में भी चर्चा की गई और श्रम कानूनों को सख़्ती से लागू करने की मांग सरकार से की गई।बैठक में जोगिन्दर कुमार, प्रेम गौतम, भूपेंद्र सिंह, लाल सिंह, अमित कुमार, कुलदीप कुमार, सुनील मेहता, चमन लाल, रामसिंह, राजेश शर्मा, गुरदास वर्मा, गोपेन्द्र शर्मा, राजेन्द्र सिंह,रंजन शर्मा इत्यादि ने भाग लिया।

