अश्वनी खड्ड में भूस्खलन, बिहार के 2 मजदूरों की मौत, पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी भेजे मजदूरों के शव
शिमला – नितिश पठानियां
राजधानी शिमला से करीब 20 किलोमीटर दूर जुन्गा शिमला मार्ग पर अश्वनी खड्ड में भूस्खलन की घटना पेश आई है। इस घटना में बिहार के दो मजदूरों की मौत हो गई है।
दोनों मजदूरों के शव निकाल लिए गए हैं। इस हादसे में वहां मौजूद पांच अन्य मजदूर बाल-बाल बच गए। घटना छोटा शिमला थाना अंतर्गत अश्वनि-जुन्गा मार्ग के समीप अश्वनि खड्ड में लगे स्टोन क्रशर के पास सामने आई।
पुलिस के मुताबिक क्रशर की लेबर के लिए एक शेल्टर बनाया गया था। वहां सात मजदूर रह रहे थे। पहाड़ी से भारी लैंडस्लाइड आया और शेल्टर को तबाह कर दिया। करीब रात्रि 4 बजे हुए इस लैंडस्लाइड से हड़कंप मच गया।
शेल्टर पर भारी भरकम चट्टाने गिरने से मजदूरों को मौके से भागने का वक्त नहीं मिला, जिससे दो मजदूर भारी-भरकम पत्थरों की चपेट में आकर दब गए। वहीं पांच अन्य मजदूरों ने भागकर जान बचाई।

एक घंटा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर निकाले दोनों शव
अश्वनी खड्ड में देर रात को हुए भूस्खलन की खबर मिलते ही पुलिस और SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर अग्निशमन और होमगार्ड जवानों के साथ मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया। करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद मलबे में दबे दोनों मजदूरों के शवों को बाहर निकाला गया।
मृतकों की पहचान 34 वर्षीय राकेश और 36 वर्षीय राजेश कुमार निवासी बिहार के रूप में हुई है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी शिमला भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, घायलों में 18 वर्षीय राहुल कुमार, 42 वर्षीय मेघ साहनी, 35 वर्षीय बैजनाथ राम, 45 वर्षीय अशोक राम निवासी बिहार और 20 वर्षीय टोनी कुमार निवासी चंबा शामिल हैं। जिला प्रशासन द्वारा मृतकों और घायलों को अंतरिम राहत प्रदान कर दी गई है।

उपायुक्त ने घायलों को बंधाया ढांढस
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने आज मेहली-जुन्गा रोड पर हुई भूस्खलन की घटना की सुचना मिलते ही प्रातः काल तुरंत मौके पर पहुँच कर घटना स्थल पर बचाव कार्यों का जायजा लिया।
उल्लेखनीय है की गत देर रात करीब 1 बजे मेहली-जुन्गा रोड पर एक क्रशर साइट के समीप भूस्खलन की घटना सामने आई जिसमें मजदूरों की झोपड़ी ढह गई और मलबे में दबने से 2 लोगों की मृत्यु हो गई और 05 लोग बच निकले। घटना की सूचना मिलते ही बचाव कार्य के लिए पुलिस, अग्निशमन, एसडीआरएफ और होम गार्ड की टीम मौके पर पहुँच गई।
पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने अग्निशमन और होम गार्ड के जवानों के सहयोग से लगभग एक घंटे में ही मृतकों के शवों को मलबे से बरामद किया। जिला प्रशासन द्वारा मृतकों और घायलों को अंतरिम राहत प्रदान कर दी गई है।

उपायुक्त ने घायलों से की मुलाकात
उपायुक्त ने घटना में सुरक्षित निकले मजदूरों से बातचीत की और उनके साथियों की इस हादसे में मृत्यु हो जाने पर उन्हें ढांढस बंधाया। उपायुक्त ने पुलिस, एसडीआरएफ, फायर और होम गार्ड के बचाव कार्यों में बेहतर प्रयासों की सराहना की।
ये रहे उपस्थित
इस दौरान अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) अजित कुमार भरद्वाज, उपमंडल दंडाधिकारी शिमला ग्रामीण कविता ठाकुर और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

