बीमार बेटी को पीठ पर उठा 10 किमी पैदल चल पहुंचाया सड़क तक

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सड़क सुविधा नहीं होने से लाचार बाप ने पेट दर्द से कराह रही 19 वर्षीय बेटी दिनेशा कुमारी निवासी बैरोह को पीठ पर उठाकर दस किलोमीटर पैदल चलकर सड़क तक पहुंचाया। कारण, इस गांव में आज तक सड़क सुविधा नहीं है। 

चम्बा – भूषण गुरुंग

सड़क सुविधा नहीं होने से लाचार बाप ने पेट दर्द से कराह रही 19 वर्षीय बेटी दिनेशा कुमारी निवासी बैरोह को पीठ पर उठाकर दस किलोमीटर पैदल चलकर सड़क तक पहुंचाया। कारण, इस गांव में आज तक सड़क सुविधा नहीं है।

मुख्य सड़क से आगे लड़की को निजी वाहन के जरिये मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाने के बाद दाखिल किया गया। गनीमत रही कि यदि पीड़ित बाप अपनी बेटी को पीठपर उठाकर अस्पताल तक न पहुंचाने का निर्णय जल्द न लेते तो बेटी की जिंदगी पर भी बन सकती थी। ऐसे में एक बार फिर से ग्रामीण राजनीतिक दलों के नुमाइंदों और संबंधित विभाग की लचर व्यवस्था को कोसते दिखे।

ग्राम पंचायत जड़ेरा और कैगा के बैरोह, सुराल, मिन्णू, डिबरी, बंजैली, संगरोढ़ी, डगोटा, दरोला, कैगा, करोरी, कट सहित लदयारा की डेढ़ हजार आबादी को आज तक सड़क सुविधा नसीब नहीं हो पाई है। सड़क के अभाव में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

गौरतलब है कि एक तरफ तो सरकार ढाई सौ की आबादी को सड़क सुविधा से जोड़ने की बात करती है तो वहीं जड़ेरा और कैगा पंचायतों की डेढ़ हजार की आबादी सड़क सुविधा से वंचित है। सड़क के अभाव में गांव में कोई बीमार पड़ जाता है तो उसे पीठ पर उठाकर आठ से दस किलोमीटर का सफर तय कर सड़क तक पहुंचने के लिए मजबूर हैं।

इतना ही नहीं, गृह निर्माण सामग्री और खाद्य सामग्री को घरों तक ले जाना ग्रामीणों के लिए चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार राजनीतिक दलों से भी उनके गांवों को सड़क से जोड़ने की मांग की गई लेकिन अभी तक यह मांग पूरी नहीं हो पाई है।

पंचायत प्रधान लेखराज, वार्ड सदस्य नूर अहमद, चुनी लाल, कैगा पंचायत प्रधान बलदेव ठाकुर, ग्रामीणों में परस राम, वीरेंद्र सिंह, तेज सिंह, बंटू, हाको और प्रताप चंद ने बताया कि पूरे जिलेभर में सड़कों के कार्य चले हुए हैं। कई जगह सड़क बन चुकी है तो कई जगह बनने जा रही है। बावजूद इसके उनकी पंचायतों के गांव सड़क से अछूते हैं।

सहायक अभियंता के बोल 

उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता कुमुद उपाध्याय ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। कुछ जगह सड़क संबंधी सर्वे किए गए हैं। कहा कि ग्रामीण उनसे आकर मिलें जिससे समस्या का समाधान करवाया जा सके।

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