बंदरों के आतंक से सब्जी की फसल भी तबाह, बंदरों से परेशान किसानों ने क़ृषि व्यवसाय को त्यागने का बनाया मन

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सकरी, गुलेर, बिलासपुर, जलरियां व आसपास के गाँवों में बंदरों से परेशान किसानों ने क़ृषि व्यवसाय को त्यागने का बनाया मन।

देहरा – शिव गुलेरिया

आज हम बात कर रहे हैं विकासखंड नगरोटा सूरियां के तहत पंचायत सकरी, गुलेर, जलरियां, नंदपुर, बिलासपुर, धनगढ़, ठम्बा, कपाड़ी आदि में किसानों के खेतों में बंदरों का आतंक दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों की रोज़ी-रोटी कृषि पर ही निर्भर है।

गुलेर व जलरियां में सभी प्रकार की सब्जियों की फसल अच्छी होती है तो किसान भी चैन की नींद लेते हैं और किसान इलाके की हर तरह की देसी व ताजी सब्जी की मांग पूरी कर पाते हैँ l कुछ वर्षों से किसानों की नींद बंदरों और जंगली जानवरों व आवारा पशुओं ने उड़ा रखी है l

अन्य निकटवर्ती गांवों के लोगों की बात करें तो यहां के ग्रामीण आजकल बंदरों के आतंक से खौफजदा हैं। ग्रामीणों की मानें तो एक तो लोग फसल बीज नहीं रहे अगर किसी किसान ने खेतों में फसल व फल-सब्जी की बिजाई की भी है उस को भी बंदर तहस-नहस कर रहे हैं। आलम यह है कि इन दिनों बंदरों ने लोगों की नाक में दम करके रखा है। बंदरों से फसल की रक्षा के लिये किसानों को दिन-भर पहरा देना पड़ता है।

बता दें दिन में जहां बंदर तो वहीं रात को जंगली जानवर सुअर व साम्भर आदि भी फसल व साग सब्जी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। आलम यह है कि कई ग्रामीण इलाकों में किसान खेती से मुंह मोड़ने लगे हैं l सरकार की ओर से बेशक कई तरह की योजनाएं चलाई जाती हैं, मगर उत्पाति बंदरों की संख्या में किसी तरह का अंतर नजर नहीं आता है।

‌उक्त गाँवों के किसानों धर्मपाल, मनोज, सुभाष, हरि सिंह ,बिटू , बलदेव सिंह, मेहर सिंह, शेर सिंह, सुखजीत सिंह, गोविंद, सुरजीत सिंह, ध्यान सिंह, ओमप्रकाश, अजय कुमार, शशिपाल, सुभाष चंद, ओंकार सिंह, कृष्ण कुमार, बंटी, गोपाल सिंह, ज्ञान सिंह, संजय कुमार, महिंदर सिंह, मनोहर लाल, लम्बर सिंह, विपिन कुमार, शंकर ,बिल्लू, परमिंदर सिंह,गुच्छू , मलकियत, रछपाल, गुरबक्ष सिंह, रामदास,मोती राम का कहना है कि अगर सरकार ने बंदरों की समस्या के निज़ात हेतु ठोस कदम नहीं उठाए तो किसानों की बची हुई भूमि पर भी फसल नहीं होगी l

इन ग्रामीण लोगों ने कहा है कि इन गाँवों की पंचायतें भी वन प्रशासन से बंदरों की रोकथाम के लिए कोई ठोस कार्य नीति नहीं सुझाती है l पंचायतों को चाहिये कि वन विभाग से सहयोग कर लोगों की टोलियाँ बनाकर बंदरों को पकड़ा जाए क्योंकि स्थानीय लोगों को इनके अक्सर रहने के स्थान का पता होता हैl

वन मंडल नगरोटा सूरियां के आरo ओo पवन कुमार से बंदरों की समस्या बारे बात की गई तो उन्होंने बताया कि 15 दिन के भीतर बंदर पकड़ने का अभियान शुरु किया जा रहा है जिसमें हरिपुर – गुलेर क्षेत्र के सभी गांव कवर किये जाएंगे l इसमें बंदर प्रभावित स्पॉट बताने के लिए पंचायतो व लोगों का सहयोग भी जरूरी हैl

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