बर्ड फ्लू की आशंका के चलते विभाग ने लिए सेम्पल
ज्वाली – अनिल छांगू
महाराणा प्रताप पौंग झील में मध्य एशिया, साइबेरिया, चीन, मंगोलिया, तिब्बत और इंडोनेशिया आदि क्षेत्रों से विदेशी मेहमान परिंदों की ठंड बढ़ने के साथ साथ इनकी संख्या में झील में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वन्य प्राणी बिभाग महीने में दो बार इन पक्षियों की गणना करता है।
मेहमान परिंदों की लगातार आमद बढ़ने से वन्य प्राणी विभाग ने बर्ड फ्लू की आशंका को लेकर सतर्क हो गया है। विभाग ने पक्षियों के सेंपल लेकर लैब में भेज दिए हैं, जिनकी रिपोर्ट दो दिन में आनी वाली है।
बताते चलें कि इससे पहले वर्ष 2020 व 2021 झील में पहुंचे परिंदों में बर्ड फ्लू फैला था, जिससे 5500 मेहमान परिंदों की मौत हो गई थी। इन पक्षियों में सबसे ज्यादा बारहेडेड गीज की बर्ड फ्लू से मरने वाला सबसे अधिक संख्या रही थी।
उस समय हजारों की तादाद में मरने वाले विदेशी मेहमान परिंदों को दफनाना विभागीय टीम के लिए भी परेशानी का सबब बन गया था।
बर्ड फ्लू के कारण झील में मत्स्य आखेट को भी प्रतिबंध कर दिया गया था, जिससे मत्स्य आखेट कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले करीब 2300 मछुआरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।
पौंग झील में मौजूदा समय में विभिन्न प्रजातियों के हजारों की संख्या में मेहमान परिंदे पौंग झील में दस्तक दे चुके हैं। हालांकि अभी तक पौंग झील में किसी भी प्रवासी पक्षी के मरने या बीमार होने की कोई सूचना नहीं है, लेकिन विभाग ने लोगों को आगाह किया है कि यदि कोई भी प्रवासी पक्षी पौंग झील किनारे मृत मिलता है तो उसे हाथ न लगाएं और इसकी सूचना तुरन्त वन्यप्राणी विभाग को दें।
वन्य प्राणी विभाग ड्रोन से झील में इन मेहमान परिंदों की निगरानी करता है। जिससे इनके अबैध शिकार पर भी लगाम लगी है। जिस बजह से पिछले कई बर्षों से इनके अबैध शिकार का मामला भी सामने नहीं आया है।
इस बारे में वन्य प्राणी विभाग हमीरपुर के डीएफओ रेजिगनॉल्ड रायस्टन ने कहा कि प्रवासी पक्षियों के विभाग की टीम द्वारा सैंपल लेकर लैब भेजे गए हैं जिनकी रिपोर्ट दो दिन में आने वाली है।

