25 साल से पुल न होने पर जान-जोखिम में डाल खड्ड पार करने को मजबूर ग्रामीण।
हिमखबर – डेस्क
अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल मकलोडगंज के हीरू गांव से चोहला गांव में ग्रामीण जान- जोखिम में डालकर जलशक्ति की पाइप के सहारे खड्ड को पार कर रहे हैं। क्योंकि करीब 20 से 25 साल से मकलोडगंज के हीरू गांव और चोहला गांव के बीच पडऩे वाली खड्ड को पार करने के लिए आज तक कोई भी पुलिया या पुल की सुविधा नहीं है। जिस कारण ग्रामीण जान- जोखिम में डालकर जलशक्ति विभाग की पाइप के सहारे खड्ड को पार करने को मजबूर है।
यह सिलसिला करीब 25 सालों से चलता आ रहा है, लेकिन प्रशासन और पंचायत की ओर से अभी तक खड्ड पर पुलिया का निर्माण नहीं करवाया गया है। इस कारण ग्रामीण जान-जोखिम में डालकर खड्ड को पार करने को मजबूर हैं। समय रहते खड्ड के पर पुलिया नहीं बनाई गई, तो कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
चौला गांव के कुलदीप, सुभाष, महिंद्र, अश्वनी और अभिषेक सहित अन्य स्थानीय लोगों ने बताया कि ग्राम पंचायत टाऊ में दो वार्ड पड़ते है, जिसमें करीब 300 से 350 आबादी है। इसमें से अधिकतर लोग दिहाड़ी मजदूरी करने मकलोडगंज-भागसूनाग के लिए इसी खड्ड को पार करने के लिए जलशक्ति विभाग की इन पाइपों का सहारा लेते है।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई सालों से उन्होंने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि उपरोक्त खड्ड पर पुल का निर्माण करवाया जाए, पर आज तक प्रशासन ने हमारी एक न सुनी।

