पद्मश्री अवार्डी कंवल सिंह चौहान बोले, मजबूत होगी आर्थिक स्थिति
सोलन – रजनीश ठाकुर
देश के युवाओं को नौकरी की तरफ नहीं, बल्कि अपना ध्यान खेती की तरफ करना चाहिए। प्राकृतिक खेती का इस्तमाल कर वे न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं, बल्कि देश को भी आगे ले जाने का कार्य कर सकते हैं। यह बात पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित कंवल सिंह चौहान ने कही।
वह सोमवार को नौणी विवि में आयोजित सम्मेलन में भाग लेने के लिए पहुंचे थे। कंवल सिंह चौहान ने परंपरागत खेती को छोडक़र वर्ष 1998 में सबसे पहले मशरूम और बेबी कॉर्न की खेती करने की ठानी और उनका यह निर्णय कामयाब रहा। दोनों फसलों से अच्छा मुनाफा हुआ।
इसके बाद वे क्षेत्र में किसानों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन गए। डा. यशवंत सिंह परमार नौणी में आयोजित सम्मलेन के दौरान बातचीत में पद्मश्री कंवल सिंह चौहान ने बताया कि उन्हें साल 2019 में पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था। हरियाणा में सोनीपत के ग्राम अटेरना निवासी पद्मश्री कंवल सिंह चौहान एक प्रगतिशील किसान हैं।
अपने आस-पास के क्षेत्र में इन्हें क्रांतिकारी किसान के रूप में जाना जाता है, तो वहीं सरकार ने इन्हें फादर ऑफ बेबी कॉर्न का नाम दिया है।
जीवन में समाजसेवा से बड़ा कोई कार्य नहीं
युवा वर्ग अपने हौसले और जुनून को सही मार्ग पर ले जाएं, तो एक सकारात्मक समाज की रचना कर सकते हैं। युवा पीढ़ी को अपनी जिम्मेदारियों को धैर्य, लग्न और पूरे आत्मविश्वास के साथ निभाना चाहिए। यह बात पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डा. क्षमा मैत्रेय ने कही।
उन्होंने कहा कि जीवन में समाजसेवा से बड़ा कोई कार्य नहीं है। समाज के प्रत्येक नागरिक को अपने सामाजिक एवं पारिवारिक दायित्वों के साथ-साथ समाजसेवा के लिए भी समय अवश्य निकालना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि पर्यावरण सुधार के लिए समाज को आगे आना होगा।
बता दें कि डा. क्षमा मैत्रेय का जन्म महाराष्ट्र नागपुर में वामनराव बापू मैत्रेय और शांता बाई मैत्रेय के घर 25 जून, 1950 को हुआ। इन्हें डाक्टर दीदी के नाम से भी देशभर में जाना जाता है।