नूरपुर: स्लेटनुमा रसोई में रहने को मजबूर बुजुर्ग 77 बर्षीय महिला, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

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एक घर में रहते हैं तीन परिवार, जगह कम होने से बुजुर्ग महिला को मजबूरन रहना पड़ रहा है स्लेटनुमा रसोई मे, सरकार व प्रशासन से लगाई मदद की गुहार

नूरपुर- देवांश राजपूत

नूरपुर की पँचायत सिम्बली के वार्ड नं तीन में 77 बर्षीय बुजुर्ग महिला व उसके तीन बेटे अपने परिवार के साथ रह रहे हैं।तीनो बेटों के पास एक एक कमरा है। बेटे दिहाड़ीदार है और बड़ी मशक्त के साथ अपने परिवार का लालन पोषण कर रहे हैं। बुजुर्ग माता को मजबूरन स्लेटनुमा रसोई में छोटे छोटे बच्चों के साथ रहना पड़ रहा है। लेकिन अब स्लेटनुमा रसोई टूटने की कगार पर है और कभी भी गिर सकती है।

बारिश के समय बारिश का पानी रसोई के अंदर टपकता है,जिससे बुजुर्ग महिला को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।तीनों बेटो के पास एक एक कमरा होने की बजह से उस स्लेटनुमा रसोई में ही रहना पड़ रहा है।परिवार ने सरकार व प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।

पीड़ित रेशमा देवी ने कहा कि हमारा तीन लोगों का परिवार एक ही रसोई घर में खाना बनाते हैं और मेरी सासु माता वहीं पर सोती हैं।तीनों भाइयों के पास एक एक कमरा है जिसमें बड़ी मुश्किल के साथ रह रहे हैं।रेशमा ने सरकार से आग्रह किया है कि वह हमारे घर का जायजा करें और हमारी मदद करें।

ठेहड-सिम्बली पंचायत समिति सदस्य रोजी जम्वाल ने कहा कि इनकी तीन भाईयों का परिवार है। तीनों भाइयों की एक ही रसोई है। यहां बारी बारी से खाना बनाते हैं। उसी रसोई में इनकी बुजुर्ग माता और बच्चे रहने पर मजबूर है। मेरी सरकार व प्रशासन से अपील है कि इस परिवार की मदद की जाए, ताकि यह लोग भी एक आम लोगों की तरह रह सके।

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