हिमखबर डेस्क
विधानसभा क्षेत्र सुलह के अंतर्गत ग्राम पंचायत पनापर में एक शादी समारोह में धाम खाने के बाद कई ग्रामीण बीमार हो गए हैं। उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अपर पनापर गांव के करीब 30 से अधिक लोग डायरिया की चपेट में आ गए हैं। पीड़ितों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी शामिल हैं। गंभीर रूप से पीड़ित आठ लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) धीरा में भर्ती हैं।
शादी समारोह में खाना खाने के बाद लोग अचानक बीमार पड़ने लगे। शनिवार देर रात से शुरू हुआ अस्पताल में मरीजों के आने का सिलसिला रविवार दोपहर तक जारी रहा। सीएचसी धीरा में 30 लोग जांच के लिए पहुंचे, जिनमें से आठ की हालत को देखते हुए उन्हें उपचार के लिए भर्ती कर लिया गया है।
अस्पताल में बिस्तरों (बेड्स) की सीमित संख्या के कारण अब गंभीर रूप से बीमार मरीजों को भवारना अस्पताल रेफर किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रविवार को ही आयुर्वेदिक औषधालय पनापर में एक अस्थाई मेडिकल कैंप स्थापित कर दिया है, ताकि स्थानीय स्तर पर ही लोगों को त्वरित राहत मिल सके।
खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) भवारना डॉ. नवीन राणा के बोल
खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) भवारना डॉ. नवीन राणा खुद टीम के साथ पनापर गांव के घर-घर पहुंचे और बीमार लोगों की स्क्रीनिंग की। उन्होंने बताया कि जिन मरीजों में डायरिया के हल्के लक्षण हैं, उन्हें दवाइयां देकर घर पर ही आराम की सलाह दी गई है। गंभीर मरीजों की अस्पताल में निगरानी की जा रही है। गांव में स्थापित अस्थायी शिविर में आपातकालीन ड्यूटी पर स्टाफ और पर्याप्त दवाइयों का स्टॉक तैनात कर दिया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कांगड़ा डॉ. विवेक करोल के बोल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कांगड़ा डॉ. विवेक करोल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। सभी प्रभावितों को ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियां वितरित की गई हैं। उन्होंने बताया कि संक्रमण फैलने के सही कारणों का पता लगाने के लिए सोमवार को स्थानीय बावड़ी के पानी के सैंपल लिए जाएंगे, क्योंकि आशंका जताई जा रही है कि दूषित जल भी बीमारी का कारण हो सकता है। फिलहाल, एक मरीज को पालमपुर अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जबकि शेष की हालत स्थिर बताई जा रही है।

