शिमला – रजनीश ठाकुर
हिमाचल प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अपना इस्तीफा फिलहाल, वापस नहीं लिया है। उन्होंने हिमाचल में चल रहे सियासी संकट के बीच बुधवार सुबह मंत्री पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया था। फिर बाद में देर शाम कांग्रेस ऑब्जर्वर्स से मुकालात के बाद उन्होंने कहा कहा था कि वह अपना इस्तीफा वापस ले लेंगे लेकिन बाद में एएनआई से बातचीत में उन्होंने इस्तीफा वापस लेने की बात पर गोलमोल जवाब दिया।
दरअसल, दिन भर चले सियासी घमासान के बाद देर शाम विक्रमादित्य सिंह ने एनएनआई समाचार एंजेसी से कहा कि जब तक पूरे मसले का अंतिम परिणाम नहीं निकलता है, तब तक इतीफा वापस लेने और इस पर दवाब बनाने में अंतर होता है। हमारी ऑब्जवर्र से बातचीत हुई है। उन्हें पूरी बातें बताई गई हैं कि हिमाचल में क्या हालात हैं। जब तक फाइनल आउटकम नहीं आता है तब तक में इस्तीफे मंजूर करने के लिए दवाब नहीं बनाऊंगा।
रोते रोते दिया था इस्तीफा
गौरतलब है कि पूरे सियासी घटनाक्रम के बीच विक्रमादित्य सिंह ने बुधवार सुबह दस बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। इस दौरान उन्होंने अपनी ही सरकार पर जमकर हमले बोले। साथ ही बहादुर शाह जफर का शेर भी सुनाया था।
उन्होंने कहा कि उनके पिता पूर्व सीएम की प्रतिमा लगाने के लिए शिमला के रिज मैदान पर सरकार ने जगह नहीं दी। इस दौरान विक्रमादित्य सिंह काफी भावुक हो गए और उनकी आंख से आसूं भी निकल आए थे। बाद में उन्होंने अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया था।
क्या बोली प्रतिभा सिंह
उधर, ऑब्जवर से मीटिंग के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और विक्रमादित्य सिंह की मां प्रतिभा सिंहब ने कहा कि हम सभी को पता है कि सरकार बनने के बाद कुछ चीजें सही नहीं गई हैं। हमने इस बारे में पार्टी हाईकमान को इस बात को सुलझाने के लिए बता दिया था। एक साल का वक्त बीत गया है लेकिन अब तक कोई फैसला नहीं हुआ है। उसी वजह से हमें मौजूदा हालात का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिभा सिंह ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह ने इस्तीफा नहीं दिया है हालांकि विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि उन्होंने रिजाइन दिया है। यदपि सीएम ने इस्तीफा मंजूर नहीं किया है। फिलहाल, आए हुए ऑब्जर्वर्स को तय करना है कि आगे क्या करना है। देखते हैं आगे क्या होता है।

