शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में दो टैक्सी यूनियन का विवाद ने तूल पकड़ा है. दोनों टैक्सी यूनियन में बीते कुछ समय पहले मारपीट और गाड़ियों में तोड़फोड़ हुई थी और अब मामला बढ़ गया है. सोमवार को टनल के पास विरोध प्रदर्शन हुआ था.
बाद में कैबिनेट मंत्री ने भी टैक्सी संचालकों और चालकों को संबोंधित किया, जिस पर अब सिरमौर जिले की टैक्सी यूनियन भड़क गई है. चुड़ेश्वर टैक्सी यूनियन ने मंगलवार को शिमला के डीसी दफ्तर के बाहर जमकर नारेबाजी की.
विरोध-प्रदर्शन के दौरान चुड़ेश्वर टैक्सी यूनियन के सदस्यों ने कैबिनेट मंत्री अनिरूध सिंह पर निशाना साधा और उन पर भेदभाव करने और एकतरफा कार्रवाई के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया. साथ ही कहा कि मंत्री क्षेत्रवाद फैला रहे हैं.
इसी मुद्दे पर बड़ी संख्या में यूनियन से जुड़े लोग डीसी दफ्तर के पास एकत्र हुए और खूब हो हल्ला किया. चुड़ेश्वर टैक्सी यूनियन ने धरने के दौरान कहा कि कैबिनेट मंत्री अनिरूध सिंह ज़ब तक माफी नहीं मांगेंगे, उनका आंदोलन जारी रहेगा, वह अब सचिवालय का घेराव करेंगे.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, शिमला में टनल के पास टैक्सियां खड़ी होती हैं. यहां पर दो यूनियन के जरिये टैक्सी का संचालन होता है. इन दोनों यूनियन में टैक्सी संचालन को लेकर विवाद है. एक शिमला की यूनियन सिरमौर के टैक्सी संचालकों का विरोध कर रही है और उनका कहना है कि बाहरी लोगों के यहां आने से उन्हें नुकसान हो रहा है.
इसी बात पर 17 जून को दोनों यूनियन के लोग आपस में भिड़ गए. मारपीट के बाद गाड़ियां भी तोड़ी गई. पुलिस ने मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज की है. लेकिन सिरमौर के टैक्सी चालकों का आरोप है कि शिमला पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है.
मंत्री ने दिया भाषण, उससे बड़ा विवाद
पूरे मामले में शिमला के कुसुम्पट्टी से विधायक और सुक्खू सरकार में मंत्री अनिरूध सिंह ने शिमला टैक्सी यूनियन के सदस्यों को संबोधित किया. मौके पर एसपी शिमला भी मौजूद थे.
अपने भाषण में उन्होंने कहा कि मामले में 23-23 लोगों के नाम आए हैं, और जब तक ये सारे अरेस्ट नहीं होंगे, तब तक एक भी गाड़ी नहीं रिलीज नहीं होगी. जितनी गाड़ियां रहती हैं, सबको इंपाउंड होंगी.
मंत्री ने कहा कि वह पूरे मामले से सीएम को अवगत करवाएंगे. मैंने एसपी साहब से कहा कि जो लोग गाड़ियां रोकते हैं या बैरियर से गाड़ियां हटाई जाएं. बता दें कि बैरियर पर टैक्सियां रुकती हैं और बस किराये पर सवारी उठाती हैं.

