
काँगड़ा-राजीव जस्वाल
डाॅ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल टांडा में कोविड के दौरान रखे गए सफाई कर्मी, वार्ड ब्वाय व स्टाफ नर्सों ने एमएस कार्यालय के बाहर 2 माह से वेतन न मिलने पर रोष प्रकट किया। कोविड के दौरान सरकार द्वारा अस्थायी तौर पर 95 वार्ड ब्वाय 44 स्टाफ नर्स व 35 सफाई कर्मियों को कोविड के रोगियों की देखभाल करने के लिए 3 माह के लिए नियुक्त किया था तथा हर 3 माह के उपरांत उनकी कार्य अवधि को बढ़ा दिया जाता है।
इन अस्थायीकर्मियों को 30 सितम्बर के उपरांत प्रशासन द्वारा समयावधि बढ़ाने की कोई भी स्वीकृति नहीं मिली, जिसके कारण इन्हें अक्तूबर व नवम्बर माह का वेतन न मिलने के कारण उन्होंने आज कुछ समय के लिए एमएस कार्यालय के बाहर रोष प्रकट किया, जिस पर टांडा मैडिकल काॅलेज के प्रधानाचार्य डाॅ. भानू अवस्थी के समझाने के उपरांत अपने-अपने कार्यों के लिए लौट गए।
वर्षा, सारिका, परविंद्र, मनिषा, संतोष, मधु, रंजना, निकिता, शिवानी, दिप्ती, सपना, शिवानी, रितु, रजनी, शिवदत, रोहित, विजय, मोनू रिशु, विकास, इत्यादि का कहना है कि उनकी नियुक्ति करने पर प्रशासन द्वारा कोविड ड्यूटी के दौरान प्रतिदिन 200 रुपए देने के हिसाब से भत्ता देने की बात कही थी जोकि आज दिन तक नहीं मिली।
उनका यह भी कहना है कि अक्तूबर व नवम्बर माह का वेतन तो नहीं मिला किंतु ईपीएफ उनके खाते से काट दिया गया। उनका यह भी कहना है कि उनके द्वारा कोविड कार्यकाल में अपने घर परिवार की परवाह न करते हुए उन्होंने फ्रंट लाइन कार्य किया है उनकी नियुक्ति के लिए कोई नीति बनानी चाहिए जैसी आऊटसोर्स कर्मियों की बनाई गई है।
इस बाबत चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. मोहन सिंह का कहना है कि प्रशासन द्वारा ऐज पर नीड बेसिस रखे गए कोविड के दौरान इन कर्मियों का अप्रूवल पत्र सरकार को भेज दिया है, स्वीकृति प्राप्त होते ही इनके वेतन के लिए ठेकेदार को स्वीकृत पत्र भेज दिया जाएगा तथा इनका वेतन दे दिया जाएगा।
प्रधानाचार्य डाॅ. भानू अवस्थी का कहना है कि इन कोविड के अस्थायी कर्मियों द्वारा वेतन न मिलने पर रोष प्रकट किया था लेकिन उन्हें समझा कर वापस काम पर भेज दिया गया है।
कम्पनी के प्रबंधक सुशील ठाकुर का कहना है कि प्रशासन द्वारा 30 सितम्बर तक उन्हें स्वीकृत पत्र मिला है जैसे ही टांडा प्रशासन इनकी कार्य अवधि बढ़ाने की स्वीकृति देगा तो तुरंत ही इन्हें इनका वेतन दे दिया जाएगा क्योंकि प्रशासन द्वारा भी उन्हें यह राशि नहीं मिली है।
