ज्वाली परिसर में अवैध रूप से हरे पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी, विभाग नहीं दे पाया स्पष्टीकरण

--Advertisement--

ज्वाली में अवैध रूप से हरे पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी, विभाग नहीं दे पाया स्पष्टीकरण

ज्वाली – अनिल छांगू 

वन परिक्षेत्र कार्यालय ज्वाली के परिसर में अवैध रूप से हरे पेड़ों को काटने का मामला प्रकाश में आया है। वन परिक्षेत्र कार्यालय परिसर में तुणी के दो पेड़ काटे गए, लेकिन किसकी परमिशन से काटे गए इसका कोई भी स्पष्ट जबाब नहीं दिया जा रहा है।

रेंज अधिकारी ज्वाली व डीएफओ नूरपुर इस पर कोई भी स्पष्ट जबाब नहीं दे पा रहे हैं। तुणी के पेड़ कटान पर प्रतिबंध लगा हुआ है तो फिर वन परिक्षेत्र कार्यालय में लगे तुणी के दो पेडों को कैसे काट डाला गया।

विभागीय अधिकारी जबाब दे रहे हैं कि पेड़ गिर रहे थे परंतु सवाल यह है कि बिना बारिश व तूफान पेड़ कैसे गिर गए और दूसरा कि इतने बड़े पेड़ों के गिरने से रिहायशी आशियाने का कोई नुकसान क्यों नहीं हुआ।

केवल तुणी के पेड़ ही क्यों गिरे जबकि आसपास अन्य पेड़ भी हैं। लोगों ने मांग की है कि बिना परमिशन पेड़ों को काटने की एवज में विभागीय अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।

परिक्षेत्र अधिकारी आशीष के बोल

वन परिक्षेत्र अधिकारी जवाली आशीष ने बताया कि पेड़ मेरे रिहायशी आशियाने पर गिर गए थे इसलिए कटवाए गए हैं।

डीएफओ अमित शर्मा के बोल 

डीएफओ नूरपुर अमित शर्मा ने बताया कि इस बारे मुझे इसकी जानकारी नहीं है। पता करने पर ही कुछ बता पाऊंगा।

एसडीएम विचित्र सिंह के बोल

एसडीएम ज्वाली विचित्र सिंह ने कहा कि मेरे द्वारा वन विभाग को कोई भी परमिशन नहीं दी गई है। अगर बिना परमिशन पेड़ काटे गए हैं तो शिकायत मिलने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

राम सिंह पठानियां पर था मां चंडी का विशेष आशीर्वाद

कठिन परिस्थितियों में भी जब वीर राम सिंह पठानियां...

हिमाचल में 5 अप्रैल को शाम 8 बजे से ठप्प हो जाएंगी 108 और 102 एम्बुलैंस सेवाएं, कर्मचारियों ने किया हड़ताल का ऐलान

हिमखबर डेस्क हिमाचल प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़...

शूलिनी विश्वविद्यालय: छात्र की मौत मामले में जांच तेज, जुन्गा लैब भेजा सुसाइड नोट

हिमखबर डेस्क सोलन शहर की मधुबन कॉलोनी में रोहड़ू के...