
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि सरकार ने हिमाचल हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला लिया है। जेबीटी प्रशिक्षुओं को उनका हक दिलाने के लिए हर प्रयास किया जाएगा।
शिमला-जसपाल ठाकुर
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट से जेबीटी भर्ती में बीएड डिग्री धारकों को भी पात्र बनाने को लेकर आए फैसले को राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। शिक्षा विभाग की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट जाने के साथ-साथ प्रदेश हाईकोर्ट में शिक्षा विभाग की ओर से पुनर्विचार याचिका भी दायर की जाएगी। इसकी तैयारियों में विधि विभाग जुट गया है। राजस्थान के जोधपुर हाईकोर्ट से जेबीटी प्रशिक्षुओं के पक्ष में आए फैसले को एसएलपी और पुनर्विचार याचिका में आधार बनाया जाएगा।
बुधवार को राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि मंगलवार को कैबिनेट बैठक में इस मामले को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बुधवार सुबह विभागीय अधिकारियों के साथ भी मंथन किया गया। सरकार ने हिमाचल हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला लिया है।
जेबीटी प्रशिक्षुओं को उनका हक दिलाने के लिए हर प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए जेबीटी-डीएलएड प्रशिक्षुओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। सरकार का मानना है कि जेबीटी-डीएलएड प्रशिक्षु ही इन कक्षाओं को पढ़ाने के लिए सक्षम हैं। अब कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष पूरी मजबूती के साथ रखेंगे। उन्होंने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट ने बीएड डिग्री धारकों को पात्र बनाने की याचिका को खारिज किया है।
दीपकमल में मंत्रियों के बैठने का बन रहा है शेड्यूल
शिक्षा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में सभी मंत्रियों को भी पार्टी कार्यालय दीपकमल में बैठने को कहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं की परेशानियों और मांगों को वहां दूर किया जाएगा। पार्टी आफिस और मुख्यमंत्री की ओर से मंत्रियों की ड्यूटियों का शेड्यूल तय किया जाएगा।
