चम्बा – भूषण गुरुंग
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर विधानसभा क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। दरअसल, खुन्देल पंचायत स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक गिरड माता मंदिर दो दिन पहले भीषण आग की चपेट में आकर पूरी तरह नष्ट हो गया है। सदियों पुराने इस मंदिर के खाक होने से गिरड गांव सहित समूचे क्षेत्र में शोक व्याप्त है। लोगों की इस मंदिर के प्रति इतनी अटूट श्रद्धा है कि कई परिवारों ने दुख स्वरूप दो दिनों से अन्न का दाना तक ग्रहण नहीं किया है।
यह मंदिर 1000 वर्ष से भी अधिक पुराना
ग्रामीणों के अनुसार, यह मंदिर लगभग 1000 वर्ष से भी अधिक प्राचीन है। लोक मान्यताओं के अनुसार, इस क्षेत्र का संबंध पांडवों के अज्ञातवास से भी रहा है, जिसके कुछ प्रतीक आज भी यहां चर्चा का विषय रहते हैं। गिरड माता को क्षेत्र के अधिकांश परिवारों की कुलदेवी के रूप में पूजा जाता है। यहां साल भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता था और मन्नतें पूरी होने पर बच्चों के मुंडन जैसे संस्कार यहीं संपन्न किए जाते थे।
प्रशासन ने शुरू किया मलबा हटाने का काम
मंदिर के जलने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। डीसी चम्बा मुकेश रेपस्वाल ने बताया कि राजस्व टीम को मौके पर भेजकर नुकसान का जायजा लिया गया है। प्रशासन की प्राथमिकता मंदिर के उन प्राचीन अवशेषों और मूर्तियों को सुरक्षित करना है जो आग से बच गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए मंदिर के पुनर्निर्माण में सरकार और प्रशासन हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।
ग्रामीणों की पुकार
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस सांस्कृतिक धरोहर को फिर से जीवित करने के लिए पुनर्निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जाए।

