धर्मशाला, 17 नवम्बर – हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र मोहली, धर्मशाला में राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास तथा वाणिज्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (बहु-विषयक शिक्षा एवं शोध विश्वविद्यालय) द्वारा वित्तपोषित, मानविकी तथा वाणिज्य में शोध पद्धति विषय पर आधारित छः दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।
इस महत्वपूर्ण शैक्षिक कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विख्यात शिक्षाविद प्रो‐ संजीव महाजन (सेवानिवृत्त) मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित हुए। कार्यशाला निदेशक प्रा‐े कुलदीप अत्री, निदेशक हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय क्षेत्रीय केंद्र धर्मशाला तथा विशिष्ट अतिथि प्रो‐ धर्मप्रकाश वर्मा, प्राचार्य विधिक अध्ययन संस्थान ने उपस्थित प्रतिभागियों, पीएच‐ डी‐ शोधार्थियों तथा छात्र-छात्राओं को संबोधित किया।
कार्यक्रम में उद्घाटन सत्र का शुभारम्भ माँ सरस्वती के समक्ष ज्योति प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना के उपरान्त विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ किया गया। डाॅ राज कुमार ने मुख्यातिथि, कार्यशाला निदेशक, विशिष्ट अतिथि, शिक्षकों, शोधार्थियों तथा विद्यार्थियों का विधिवत तथा औपचारिक रूप से स्वागत किया।
कार्यशाला के संयोजक डाॅ हेत राम ठाकुर ने इस छः दिवसीय कार्यशाला की सम्पूर्ण रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्यातिथि तथा विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मंच का संचालन डाॅ कुलदीप चन्देल ने किया।
मुख्यातिथि प्रो‐ संजीव महाजन ने अपने वक्तव्य में शोध का आशय स्पष्ट करते हुए मानविकी तथा वाणिज्य के क्षेत्र में पूर्व में किए जाते शोध तथा शोध पद्धतियों का वर्तमान में प्रचलित तकनीकी उपलब्धता के परिणामस्वरूप आए परिवर्तन का गहन विश्लेषण करते हुए उसकी महता पर जोर दिया। प्रो कुलदीप अत्री तथा प्रो धर्मप्रकाश वर्मा ने भी समय-समय पर शोध क्षेत्र में हुए परिवर्तनों का जिक्र करते हुए शोध छात्रों का मार्गदर्शन किया।
प्रथम तकनीकी सत्र में प्रो‐ संजय गुप्ता तथा द्वितीय सत्र में प्रा‐े राज कुमार, जम्मू विश्वविद्यालय ने विषय विशेषज्ञ के रूप में शोध के विभिन्न पहलुओं तथा महत्वपूर्ण बिंदुओं को शिक्षकों तथा शोध छात्रों के समक्ष रखते हुए तकनीकी युग की विशेषताओं का विस्तृत वर्णन किया। उपस्थित विषय विशेषज्ञों को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम में कुल 84 शोधार्थियों व छात्र-छात्राओं सहित सभी शिक्षकों ने अपनी सहभागिता दर्ज की। डाॅ‐ किशोर कुमार ने इस कार्यक्रम में उपस्थित मुख्यातिथि, विशिष्ट अतिथि, स्थानीय शिक्षकों, शोधार्थियों तथा छात्र-छात्राओं के लिए इस कार्यक्रम में उपस्थित रहकर इसे सफल बनाने हेतु धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

