हिमखबर डेस्क
अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान को चेतावनी दी है कि वह ईरान के और भी पुलों और बिजलीघरों को तबाह कर देंगे। उन्होंने ईरान से कहा है कि जो किया जाना चाहिए उसे तेजी से करें। अमरीकी राष्ट्रपति ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उनकी शर्तें नहीं मानी तो वह उनके नागरिक बुनियादी ढांचे-जैसे पुलों और विद्युत पावर प्लांट्स को निशाना बनाकर तबाह कर देगा।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमरीकी सेना ने ईरान में अभी तक नष्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की है और कहा कि पहले पुल, फिर पावर प्लांट्स को लक्ष्य बनाया जाएगा। उन्होंने लिखा कि अगला नंबर पुलों का है, फिर बिजलीघरों का! ईरान के नए शासन को पता है कि क्या किया जाना चाहिए और इसे तेजी से करना होगा।
ट्रंप की यह चेतावनी एक बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत अब ईरानी सैन्य ठिकानों के बजाय नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाया जा रहा है। इसमें स्टील प्लांट, बिजलीघर और दवा कंपनियों पर हमले शामिल हैं। ट्रंप ने अमरीकी सेना को दुनिया की सबसे शक्तिशाली बताते हुए कहा कि उन्होंने तो अभी ईरान में तबाही शुरू ही नहीं की है।
इससे पहले गुरुवार रात ट्रंप ने ईरान के सबसे बड़े पुल को नष्ट करने की घोषणा की थी और चेतावनी दी थी कि इससे पहले कि बहुत देर हो जाए और इस देश में कुछ भी न बचे ईरान को समझौता कर लेना चाहिए। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, राजधानी तेहरान को पश्चिमी शहर कराज से जोडऩे वाले मार्ग पर स्थित बी1 पुल का कुछ हिस्सा अमेरिकी-इजरायली हमले में कल ध्वस्त हो गया था।
इस हमले में कम से कम आठ लोग मारे गए हैं और 95 अन्य घायल हुए हैं। ईरानी मीडिया ने इसे पश्चिमी एशिया का सबसे ऊंचा पुल बताया है, जो तेहरान और कराज के बीच यात्रा के समय को एक घंटे से घटाकर 10 मिनट करने वाला एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट था।

