किराए में 15% की कटौती, हिम बस प्लस योजना शुरू, बसों में जीपीएस सिस्टम लगेगा, एचआरटीसी में मर्ज होगा बस अड्डा प्राधिकरण, 250 डीजल बसों के लिए टेंडर जारी करने की मंजूरी
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की सुपर लग्जरी बसों में सफर सस्ता होगा। निगम ने बसों के किराये में 15 प्रतिशत की कटौती कर दी है। निजी वाेल्वो की प्रतिस्पर्धा को देखते हुए निगम प्रबंधन ने यह निर्णय लिया है। मंगलवार को आयोजित निदेशक मंडल (बीओडी) की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
बैठक की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने की। यात्रियों की सुविधा के लिए निगम प्रबंधन ने हिम बस प्लस योजना शुरू की है, इसका कार्ड बनेगा। जिसका उपयोग किराया चुकता करने के लिए करने पर 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
यात्री सुपर लग्जरी यानी वाेल्वो इत्यादि बसों में इस कार्ड के माध्यम से किराए की अदायगी करता है तो 20 प्रतिशत तक की छूट प्राप्त कर सकता है। साधारण बसों में इस कार्ड से किराया अदायगी करने पर 5 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। यह कार्ड रिचार्ज करना पड़ेगा।
किसी यात्री के पास ग्रीन, स्मार्ट व सम्मान कार्ड है और वह हिम बस प्लस कार्ड के माध्यम से किराया देता है तो उसे भी अतिरिक्त छूट मिलेगी। अभी तक ग्रीन कार्ड पर 25, सम्मान कार्ड पर 30 व स्मार्ट कार्ड पर 10 प्रतिशत की छूट मिलती है। इसमें 5 प्रतिशत की छूट और बढ़ जाएगी। यह कैशबैक होगा जो मासिक नकद वापसी योजना में भी शामिल होगा।
विशेष पर्यटन मार्ग शुरू करेगा निगम प्रबंधन
निगम प्रबंधन शिमला व आसपास के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए विशेष पर्यटक मार्ग शुरू करेगा। बीओडी ने इसकी मंजूरी दे दी है। निगम को निर्देश दिए गए हैं कि वह निजी सहभागिता पीपीपी के तहत स्वचालित परीक्षण केंद्र स्थापित करे, ताकि बसों की गुणवत्ता जांच के साथ अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त किया जा सके।
एचआरटीसी में मर्ज होगा बस अड्डा प्राधिकरण, बस खरीद को मंजूरी
बीओडी के साथ बस अड्डा प्रबंधन प्राधिकरण के निदेशक मंडल की बैठक हुई। बस अड्डा प्रबंधन प्राधिकरण को एचआरटीसी में मर्ज करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में 250 डीजल बसों के टेंडर को भी मंजूरी दी गई। बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके तहत एचआरटीसी के पैट्रोल पंप से निजी वाहन भी पैट्रोल भरवा सकेंगे।
जीपीएस से जुड़ेंगी बसें, लाइव देख सकेंगे लोकेशन
एचआरटीसी की बसों को जीपीएस से जोड़ा जाएगा। डिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेंस विभाग द्वारा बसों के जीपीएस को ऑर्डिनेट्स के माध्यम से वास्तविक समय में निगरानी के लिए एक नया मॉड्यूल विकसित किया गया है। फिलहाल यह प्रणाली शिमला शहर की 82 बसों में लागू की गई है और इसे चरणबद्ध रूप से सभी बसों में लागू किया जाएगा। इससे बसों की लाइव लोकेशन देख सकेंगे।