
धर्मशाला – राजीव जस्वाल
जल शक्ति विभाग में कार्यरत आइटीआइ प्रशिक्षित पंप आपरेटर वर्ग के साथ वित्तीय व पदोन्नति मामले में शुरू से ही सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
यह बात आज यहां वृत्त धर्मशाला के अध्यक्ष जगदीप डोगरा व राज्य प्रेस सचिव अशोक धीमान ने कही। डोगरा ने कहा कि विभाग ने आइटीआइ से दो – वर्षीय प्रशिक्षण प्राप्त पंप आपरेटर तो रख लिए, परंतु उनको वो लाभ नहीं दिए जो जल शक्ति विभाग में और बिजली बोर्ड में कार्यरत आइटीआइ से प्रशिक्षण प्राप्त होल्डरों को मिल रहे है।
बिजली बोर्ड में आईटीआई से इलेक्ट्रिशियन व्यवसाय में दो – वर्षीय प्रशिक्षण प्राप्त 2014 बैच के लाइनमैन आज कनिष्ठ अभियंता पदोन्नत हो चुके हैं जबकि जल शक्ति विभाग में कार्यरत इलेक्ट्रिशियन व्यवसाय में व अन्य व्यवसाय में दो – वर्षीय आइटीआइ होल्डर 2002 के पंप आपरेटर आज भी पंप आपरेटर के पद पर ही हैं,
जबकि राज्य भी एक, योग्यता भी एक तथा सरकार भी एक, फिर यह दोहरा मापदंड क्यों? उन्होंने कहा कि आईटीआई प्रशिक्षित पंप आपरेटर वर्ग के साथ हो रहे अन्याय के मध्य नजर 10 जुलाई को बिलासपुर स्थित जल शक्ति विभाग के विश्राम गृह में आइटीआइ प्रशिक्षित पंप आपरेटर महासंघ की बैठक राज्य अध्यक्ष शेर सिंह राणा की अध्यक्षता में तथा चेयरमैन भादर सिंह के निर्देशन में राज्य स्तरीय बैठक होगी, जिसमें पूरे प्रदेश से पदाधिकारी व पंप आपरेटर सदस्य भाग लेंगे।
डोगरा ने कहा कि 27 नवंबर,2021 की जे सी सी की बैठक में भी पंप आपरेटर वर्ग के हर मुद्दे को अधिकारियों के समक्ष उठाया गया था.
चाहे वो आर एंड पी रूल्स संशोधन का मामला हो, चाहे वो 2012 के संशोधित वेतनमान का वित्तीय मामला हो, चाहे पदोन्नति का मामला हो, उसके बावजूद आज दिन तक हमें कोई भी लाभ प्रदान नहीं किया गया | जिस कारण बैठक के काफी हंगामा पूर्ण होने के आसार हैं।
