
बिलासपुर- सुभाष चंदेल
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर संतोषी माता मन्दिर परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नारी अबला नहीं शक्ति है के गूंजते नारों के साथ हुई।
इस अवसर पर उपस्थित नारी शक्ति को सम्बोधित करते हुए चंडीगढ़ से आई डॉ कमलजीत ने कहा कि महिलाओं के उत्थान हेतु सरकार कार्य कर रही है लेकिन अभी भी बहुत से मसले ऐसे हैं जिनसे महिलाए अभी तक वंचित हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को लेकर जो सामाजिक परिवेश बनना चाहिए था वह अभी तक नहीं बन पाया है जिसका ही नतीजा है कि आज भी देर शाम अकेले घर से बाहर जाने के लिए महिलाओ को कई बार सोचना पड़ता है।
डॉ कमलजीत ने बताया कि भारत देश में साल 1975 में पहली बार महिला दिवस की शुरुआत की गई थी जिसके बाद से नारी शक्ति अपने सरोकारों के लिए प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को एकत्रित होती हैं।
उनका कहना था कि महिलाओं को घर के अंदर व बाहर हिंसा सम्बन्धी जो समस्याएं आ रही हैं उनपर सरकार को चिंतन करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में एस डी एम स्वारघाट राजकुमार ठाकुर व डी एस पी नयनादेवी पूर्ण चंद भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अर्द्धनारिश्वर समाज समिति की अध्यक्षा किन्नर बिजली महन्त शिवघाटी महिला मंडल की प्रधान कमलेश ठाकुर सहित अन्य महिला मंडल मौजूद रहे।
