
जवाली, माधवी पण्डित:
देशभर में कोरोनाकाल के कारण पिछले डेढ़ साल से धार्मिक आयोजनों पर पाबंदी होने के कारण ब्राह्मण वर्ग, कथावाचक व भजन-कीर्तन करने वाले वर्ग को रोजी-रोटी कर लाले पड़ गए हैं। देव समाज प्रकोष्ठ के प्रदेश सदस्य एवं प्रसिद्ध ज्योतिषी पंडित विपन शर्मा ने कहा कि ब्राह्मण वर्ग स्वर्ण जाति से संबन्ध रखता है जिसके कारण कोरोनाकाल में भी उक्त वर्ग को सरकार की तरफ से कोई राहत नहीं मिल पाई।
उक्त वर्ग भजन-कीर्तन करके, पूजा-पाठ करके या धार्मिक आयोजनों को करके अपनी आजीविका कमाते हैं तथा यही उनकी रोजी-रोटी का एकमात्र साधन है। अब तो ब्राह्मण वर्ग भुखमरी की तरफ बढ़ रहा है तथा उनको भूखे मरने की नोबत आ गई है। पंडित विपन शर्मा ने कहा कि कोरोनाकाल में समस्त आयोजन बन्द रहे तो उक्त वर्ग को काफी परेशानी हुई।
अब करीबन एक माह पहले पाबंदी हटी तो उक्त वर्ग को कुछ राहत की किरण नज़र आई लेकिन फिर से धार्मिक आयोजनों पर पाबंदी लगा दी गई। अब उक्त वर्ग को परिवार की रोजी-रोटी की चिंता सताने शुरू हो गई है। आखिरकार उक्त वर्ग बच्चों की पढ़ाई कैसे करवाएगा और कैसे फीस भर पाएगा। उक्त वर्ग को भविष्य की चिंता सता रही है।
पंडित विपन शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार कोरोनाकाल में 150 से 200 लोगों को सामाजिक दूरी का पालन करवाते हुए धार्मिक आयोजन करवाने की अनुमति दी जाए अन्यथा जब तक कोरोना की पाबंदी नहीं हट जाती तब तक उक्त वर्ग को प्रदेश सरकार प्रति माह आर्थिक राहत प्रदान करे ताकि उक्त वर्ग की रोजी-रोटी चल सके।
