हिमखबर डेस्क
नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण निर्णय में माननीय विशेष न्यायालय-1 मण्डी, ने हुकम राम, पुत्र नरोतम राम, निवासी ठिगलि, डाकघर थाचि, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश को दोषी करार देते हुए 4 वर्ष के कठोर कारावास और ₹40,000/- के आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की स्थिति में आरोपी को छ : माह के अतिरिक्त का साधारण कारावास भुगतना होगा।
घटना की जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी, विनोद भारद्वाज; जिन्होंने इस मामले की पैरवी की है, ने बताया कि दिनांक 16/06/2019 को, पुलिस टीम गश्त और नाकाबंदी हेतू बिंद्रबनि मे मौजुद थी।
लगभग दिन 01:05 बजे, एक व्य्क्ति मोटरसाइकल न० एच पि 32A-5047 में आया उक्त मोटरसाइकल को जांच के लिए रोका गया।
चालक को दस्तावेज दिखने क़े लिये कहा गया तो उस पर मोटरसाइकल चालक घबरा गया, और बार बार आपने जूतों को देख रहा था, जिस पर संदेह के कारण उसके जूतों कि तलाशी ली गयी
संदेह होने पर की गई तलाशी में आरोपी के जूतों में से पैकेट बरामद हुए। इन पैकेटों में काले रंग की वस्तु पाई गई, जो पुलिस अनुभव के अनुसार चरस पाई गई।
बरामद चरस का कुल वजन 418 ग्राम था। बरामदगी और सीलिंग की कार्रवाई पुलिस टीम व स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में विधिवत पूरी की गई।
एनसीबी-1 फॉर्म की त्रैविध प्रतियाँ तैयार की गईं, और सभी आवश्यक प्रक्रियाएँ पूरी की गईं। जांच अधिकारी द्वारा मामले की गहन जांच कर चालान माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
इस मामले में अभियोजन पक्ष ने 12 गवाहों के कलमबंद करवाए थे । विस्तृत सुनवाई एवं गवाहों के बयानों के आधार पर माननीय न्यायालय ने हुकम राम, पुत्र नरोतम राम, निवासि ठिगलि, डाकघर थाचि, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 के अंतर्गत दोषी पाते हुए निम्नलिखित सजा सुनाई:
- 04 वर्ष का कठोर कारावास
- ₹40,000/- (चालिस हजार रुपये) का जुर्माना
- जुर्माना अदा न करने पर छ: माह का साधारण कारावास