सोलन – रजनीश ठाकुर
डॉ वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को एक नाबलिग पीड़िता के 164 के तहत बयान दर्ज हुए। चूंकि पीड़िता अदालत में जाकर बयान दर्ज करवाने में असमर्थ थी, लिहाजा जुडिशल मेजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) ने मेडिकल कॉलेज पहुंच कर बयान दर्ज किए।
पीड़िता राजगढ़ क्षेत्र की रहने वाली है। वो मां के साथ नाहन में किराए के मकान पर रह रही थी।जानकारी के मुताबिक पीड़िता ने अपने सौतेले बाप पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लड़की की मां के द्वारा नाहन महिला थाना में शिकायत दी गई थी। परिवारिक परिस्थितियों मद्देनजर पीड़िता को सोलन के बाल आश्रम भी भेजा गया था। कुछ दिनों बाद पीड़िता की मां उसे वापस ले आई।
यह भी जानकारी है कि पीड़िता को नाहन वन स्टॉप केंद्र भेजा गया था, जहां उसने हाथ की नसें काट कर आत्महत्या का प्रयास भी किया। बताया ये भी जा रहा है कि सौतले पिता के घर आने- जाने की वजह से वो मां के साथ नहीं रहना चाहती थी, इसी वजह से उसे बाल आश्रम भी भेजा गया था।
पुलिस द्वारा सीडब्ल्यूसी को भी सूचना दी गई थी। नाबालिग ने सीडब्ल्यूसी के समक्ष स्पष्ट रूप से कहा था कि वो अपनी मां के साथ तब तक नहीं रह सकती जब तक उसका सौतेला बाप घर में आता है। उधर, महिला थाना प्रभारी ने बताया कि माननीय अदालत के द्वारा नाबालिग के 164 के बयान दर्ज किए गए हैं।

