ऊना – अमित शर्मा
आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सेना द्वारा हाल ही में शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर का असर देश के हर नागरिक पर सिर चढ़कर बोल रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में ऑपरेशन सिंदूर के बाद पैदा हुए नवजात बच्चों का नाम तक लोगों ने सिंदूर रख दिया है। वहीं उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माता श्री चिंतपूर्णी के दरबार पहुंचे एक श्रद्धालु ने माता को पूरे का पूरा श्रृंगार ही ऑपरेशन सिंदूर के तहत समर्पित कर दिया।
मंदिर के पुजारी संदीप कालिया ने कहा कि भारतीय सेना ने जो शौर्य और पराक्रम आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के तहत दिखाया वह अनुकरणीय है। विश्व समुदाय को इससे सीख लेते हुए आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़नी चाहिए।
उन्होंने कहा कि माता के एक श्रद्धालु ने माता का पूरा श्रृंगार ही ऑपरेशन सिंदूर के तहत समर्पित करते हुए अनूठी पहल शुरू की है। उन्होंने कहा कि मंदिर में भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम को लेकर विशेष पूजा अर्चना की गई है। माता के चरणों में प्रार्थना की गई है कि भारतीय सेना पहले से भी और अधिक शक्तिशाली और मजबूत होकर उभरे।
इस मौके पर मंदिर के पुजारी वर्ग ने भी इस अनूठी पहल का दिल खोलकर स्वागत किया। मंदिर परिसर में भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम की प्रशंसा करने के साथ-साथ माता श्री चिंतपूर्णी के चरणों में भारतीय सेना को और शक्ति प्रदान करने और मजबूत करने की प्रार्थना भी की गई। ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश भर में ऐसी कई घटनाएं सामने आई है जहां देशवासी सीधे तौर पर ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े हैं।