व्यूरो रिपोर्ट
ऑनलाइन शॉपिंग करना लाहुल घाटी के एक व्यक्ति को महंगा पड़ गया। घाटी के जसरत निवासी एक संगीतकार ने एक निजी ऑनलाइन कंपनी के माध्यम से 73 हजार रुपए का डीजेआई मविक (ड्रोन कैमरा) मंगवाया था। इसका पार्सल जब उसे मिला तो वह हैरान रह गया। पार्सल में कचरा और कुछ टूटी-फूटी तारें मिली। व्यक्ति ने इसकी शिकायत संबंधित कंपनी के अधिकारियों से की है। ऑनलाइन शॉपिंग का प्रचलन बढऩे के बाद ठगी के मामले भी सामने आने लगे हैंं।
ताजा मामला लाहुल-स्पीति जिला के जसरत गांव का है। जसरत के प्रसिद्ध संगीतकार व गायक देव जस्पा 26 अक्तूबर को एक नामी कंपनी के माध्यम से डीजेआई का मविक मिनी 2 फ्लाई मोर कोमबो/ ड्रोन आर्डर बुक किया था। उन्होंने इसके लिए 72,999 रुपए का भुगतान अपने भारतीय स्टेट बैंक डेबिट कार्ड से तुरंत कर दिया, जिसका इन्वायस व पावर्ती इत्यादि उन्हें मेल द्वारा मिल गया। आर्डर संख्या 404-9359047 7474726 के अधीन उनका आर्डर पंजीकृत किया गया।
दो से पांच नवंबर तक इसकी डिलीवरी की जानी थी। लेकिन, देव जसपा के दिए पते पर दो दिन देरी के बाद जब पार्सल पहुंचा तो पार्सल का डिब्बा देखते ही उन्हें शक हुआ। क्योंकि उसमें मूल्य 49,999 रुपए के नीचे का समान लिखा दिखा जबकि उनका आर्डर 72,999 का था। जस्पा को पार्सल की पैकिंग भी सही नहीं लगी।
उन्होंने कुरियर लेकर आए डिलीवरी ब्वाय के सामने ही वीडियो बनाते हुए उस पार्सल को खोला। खोलते ही उनका शक यकीन में बदल गया। भीतर डीजेआई मविक ड्रोन कैमरे की जगह पुराने व बेकार तारे, टूटे हुए अन्य बेकार समान मिले। उन्होंने तुरंत कंपनी को संपर्क किया व इस धोखाधड़ी की सूचना दी। कंपनी ने उन्हें मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
देव जसपा ने अपने बेटी अलिशा शर्मा के नाम पर यह आर्डर बुक करवाया था। उन्होंने बताया कि वह पुलिस में भी इस मामले की शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नामी कंपनी में ऐसे धोखे की उन्हें उम्मीद नहीं थी।