बिजली महादेव को मंजूर नहीं रोपवे, PM मोदी के हस्तक्षेप के बाद संघर्ष समिति की नड्डा से मुलाकात

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रोपवे को लेकर संघर्ष समिति की नड्डा से भेंट, देवताओं ने देवस्थलों को पर्यटन स्थल बनाने का किया विरोध, मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा, केंद्र का निर्णय मान्य

हिमखबर डेस्क

बिजली महादेव रोपवे प्रोजेक्ट का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुल्लू जिले में प्रस्तावित बिजली महादेव रोपवे के विरोध को लेकर बिजली महादेव रोपवे विरोध संघर्ष समिति के सदस्यों ने दिल्ली में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मुलाकात की है।

इस दौरान समिति ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को देव वाणी के बारे में भी जानकारी दी। बैठक में समिति में शामिल सदस्यों ने बताया कि कुल्लू जिले में स्थानीय लोग भी रोपवे के हक में नहीं है। ऐसे में वह इस पूरे मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखें. ताकि जल्द से जल्द इस रोपवे को निरस्त किया जा सके।

बिजली महादेव रोपवे विरोध समिति के सदस्य एवं जिया पंचायत के प्रधान संजीव कुमार ने बताया कि इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद एवं भगवान रघुनाथ की छड़ीबरदार महेश्वर सिंह के साथ-साथ मंदिर कमेटी के सदस्य भी शामिल रहे। संजीव कुमार ने बताया कि करीब एक घंटा तक दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ वार्ता की गई। उन्होंने कहा कि देवता बिजली महादेव ने भी साफ आदेश दिए हैं कि जो भी धार्मिक स्थल है। वहां पर किसी भी तरह की छेड़छाड़ ना की जाए और बिजली महादेव की पहाड़ी से भी कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।

जिया पंचायत के प्रधान संजीव कुमार ने कहा कि, देवता के द्वारा जो आदेश दिए गए थे। उसके बारे में भी जेपी नड्डा को अवगत करवाया गया है। अब उन्हें उम्मीद है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा इस मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखेंगे और प्रधानमंत्री भी स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए इस रोपवे को जल्द निरस्त करेंगे।

वहीं, भगवान रघुनाथ के छड़ीबरदार एवं पूर्व सांसद महेश्वर सिंह ने कहा कि, “दिल्ली में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से बिजली महादेव मंदिर कमेटी एवं बिजली महादेव रोपवे संघर्ष समिति के सदस्यों संग भेंट की गई हैं। इस अवसर पर बिजली महादेव रोपवे परियोजना से जुड़े देव-आदेश, जनभावनाएं एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुझे आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि देव-संकेतों और जन-आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। बिजली महादेव जी की कृपा से यह प्रयास देव एवं जन-आस्था को और दृढ़ करेगा।”

इन विभागों से NGT ने मांगा है जवाब

बिजली महादेव रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर चल रहे विवाद के बीच नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने हिमाचल प्रदेश सरकार, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड, केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड, वन विभाग, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उपायुक्त कुल्लू को भी नोटिस जारी किया है। NGT ने इन सभी को 25 नवंबर को होने वाली सुनवाई से पहले जवाब दाखिल करने को कहा है।

एनजीटी ने स्थानीय निवासी नचिकेता शर्मा की ओर से दायर याचिका पर कार्रवाई करते हुए जवाब तलब किया है। बिजली महादेव रोपवे विरोध समिति के अनुसार, बिजली महादेव रोपवे प्रोजेक्ट के लिए अभी तक देवदार के 77 पेड़ काटे जा चुके हैं।

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