24 फरवरी को होगा पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल ट्रैक का निरीक्षण, निरीक्षण सफल होने पर 28 फरवरी तक सेवा बहाल होगी, कांगड़ा घाटी में पर्यटन व यात्रा को मिलेगा बढ़ावा।
हिमखबर डेस्क
जोगिंद्रनगर रेलमार्ग पर इसी महीने के अंत तक रेलगाड़ियां शुरू होने की संभावना बढ़ गई है। 24 फरवरी को रेल संरक्षा आयुक्त दिनेश चंद देशवाल चक्की खड्ड पर बने रेलवे पुल के साथ पठानकोट से जोगिंद्रनगर रेल ट्रैक का सात बोगी (डिब्बो) वाली रेलगाड़ी में बैठकर निरीक्षण करेंगे।
निरीक्षण सफल रहने के बाद 28 फरवरी तक पठानकोट से जोगिंद्रनगर तक सीधी रेल सेवा बहाल कर दी जाएगी। इसके लिए रेल संरक्षा उत्तर रेलवे परिमंडल दिल्ली के कार्यालय से निरीक्षण के लिए उपायुक्त का टूर प्रोग्राम भी जारी कर दिया गया है।
पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलमार्ग पर रेलगाड़ियों की बहाली के लिए पिछले चार सालों से संघर्ष लोकतांत्रिक राष्ट्र अभियान समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि रेलगाड़ियां बहाल होने से कागड़ा घाटी को जहां आसान और सस्ता सफर करने को मिलेगा।
वहीं कांगड़ा जिला के शक्तिपीठों सहित ऐतिहासिक पर्यटक स्थलों में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि उत्तर रेलवे के रेल संरक्षा आयुक्त दिनेश चंद देशवाल के 24 फ़रवरी को रेल ट्रैक निरीक्षण के दौरान नगरोटा सूरियां रेलवे स्टेशन पहुंचने पर रेल बहाली के लिए संघर्षरत अपनी टीम के साथ मिलेंगे।
और रेल ट्रैक पर बरसात में आने वाली समस्याओं के साथ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को आने वाली परेशानियों से अवगत करवाएंगे व इस आश्य का ज्ञापन भी सौंपेंगे।
उन्होंने रेल बहाली के लिए संघर्ष कर रहीं अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं व संघर्ष समितियों से भी अपील कि है कि वे भी अपने अपने रेलवे स्टेशन पर रेल संरक्षा आयुक्त से 24 फ़रवरी को मिलें और रेल ट्रैक सहित अन्य परेशानियों से अवगत करवाएं।

