पटाखा फैक्टरी विस्फोट मामला: आंखों में आंसू लिए मां को कान की बाली और बहन को कंगन से पहचाना

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ऊना- अमित शर्मा 

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में हरोली उपमंडल के बाथू में अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट में पत्नी और बेटी को खोने के बाद अनवर हुसैन बदहवास हैं। घटनास्थल का मंजर और शवों को बुरी तरह से जला हुआ देखकर हुसैन अपनों की शिनाख्त करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। आखिर आंखों में आंसू लिए हुसैन के बेटे अविराल ने मां अख्तरी (45) को कान की बाली और बहन अनवता (19) को हाथ में पहने कंगन से पहचाना।

अख्तरी पांच महीने से जबकि अनवता दो माह से इस फैक्टरी में काम कर रही थी। पिता-पुत्र संतोषगढ़ में सब्जी बेचने का काम करते हैं। दोनों यह तो जानते थे कि अख्तरी और अनवता काम करती हैं पर कहां – इसकी कोई खबर नहीं थी। हुसैन के मुताबिक उन्होंने कई बार कहा था कि घर का खर्च वह चला लेंगे। दोनों को काम करने की जरूरत नहीं। लेकिन मां-बेटी यह कहकर बात को टाल देतीं कि काम अच्छा है।

उल्लेखनीय है कि पटाखा फैक्टरी में अधिकतर प्रवासी महिलाएं काम कर रही थीं। इनमें से कई परिजन ऐसे हैं, जिन्हें यह भी मालूम नहीं था कि उनके घर की महिलाएं कहां पर नौकरी कर रही हैं।

धर्मकांटा से कब पटाखा फैक्टरी बन गई, किसी को नहीं पता

बाथू में पटाखा फैक्टरी कब बन गई, यह किसी को पता नहीं है। इस प्लांट पर पहले धर्मकांटे बनाए जाते थे। शातिर संचालकों ने फैक्टरी के बाहर कोई बोर्ड भी नहीं लगा रखा था। रात के समय ही फैक्टरी से सामान सप्लाई किया करते थे ताकि किसी को भनक न लगे।

पहले यहां पर मैसेज नोवा टेक नामक उद्योग चल रहा था। जनवरी 2021 को यह उद्योग बंद हो गया था। बंद हुए उद्योग का बिजली कनेक्शन पांच जनवरी 2021 को काट दिया गया था। अभी तक यही माना जा रहा है कि करीब एक साल से यह अवैध फैक्टरी चल रही थी।

इस फैक्टरी में करीब 15 दिन से काम करने वाले व पूरी घटना के प्रत्यक्षदर्शी समीर का कहना है कि फैक्टरी में पानी-बिजली का कनेक्शन नहीं था। जनरेटर से ही काम चलता था। पानी के लिए टैंकर था। समीर का कहना है कि वह इस फैक्टरी के साथ बने कमरे में रहता था। विद्युत सब डिवीजन टाहलीवाल के सहायक अभियंता सुरजीत सिंह ने बताया कि इसी जमीन पर पहले चल रहे उद्योग का कनेक्शन जनवरी 2021 में काट दिया गया था।

हिमाचल सरकार ने जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का किया गठन

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में हरोली उपमंडल के तहत बाथू में एक अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट से हुए हादसे की जांच के लिए सरकार ने डीआईजी(एनआर) सुमेधा द्विवेदी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है। एसआईटी में कमांडेंट प्रथम आईआरबीएन बनगढ़ विमुक्त रंजन और एसपी ऊना अर्जित सेन ठाकुर को शामिल किया गया है।

हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू की ओर से जारी आदेशों के तहत एसआईटी मामले की पेशेवर और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेगी। साथ ही मामले की विस्तृत व तेजी से जांच कर इसकी प्रगति के संबंध में समय-समय पर पुलिस मुख्यालय को सूचित करेगी।

मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख देगी जयराम सरकार, एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश 

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ऊना जिले के हरोली उपमंडल के बाथू में एक पटाखा फैक्टरी में हुए अग्निकांड पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को प्रभावित व्यक्तियों को तत्काल राहत व पुनर्वास प्रदान करने के साथ दोषियों के विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जयराम ठाकुर ने इस दुखद हादसे में मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता प्रदान करने की घोषणा की और पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती गंभीर रूप से घायल 11 लोगों को विशेष संदेशवाहक के माध्यम से 15-15 हजार रुपये प्रदान किए गए हैं। इसी प्रकार ऊना अस्पताल में भर्ती तीन घायलों को पांच-पांच हजार रुपये प्रदान किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने इस घटना की जांच मंडलायुक्त के माध्यम से करने और एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट जमा करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस अवैध पटाखा फैक्टरी को किराये पर भूमि देने के मामले की भी जांच की जाएगी। जयराम ठाकुर ने मृतकों की आत्मा की शांति तथा पीड़ित परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

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