
देहरा- शीतल शर्मा
हिमाचल प्रदेश में दरकते पहाड़ कई जिंदगियों को लील चुके हैं। इसके बावजूद हादसों को रोकने के लिए न तो प्रशासनिक पहल हो रही है और न ही ऐसी घटनाओं से सावधानी के लिए किसी तरह के चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं। जिला कांगड़ा के उपमंडल देहरा के अंतर्गत व्यास नदी पर बने चंबापतन पुल के पास एक पहाड़ी पर बड़ी चट्टान कमजोर मिट्टी के सहारे टिकी है। चट्टान से बड़े पत्थरों तथा चट्टान के ही कई हिस्सों का टूटकर मुख्य सड़क पर गिरने का सिलसिला लंबे समय से जारी है, लेकिन पहाड़ी से गिर रहे मलबे को हटाने के अलावा लोक निर्माण विभाग की इस बड़े खतरे की तरफ आंख नहीं गई है।
पंजाब तथा हिमाचल को जोड़ने वाले इस पुल से रोजाना दर्जनों वाहनों की आवाजाही होती है। नजदीकी कालेश्वर महादेव मंदिर तथा जवालामुखी मंदिर में दर्शनों के लिए शार्ट कट रास्ता होने की वजह से बाबा बड़भाग सिंह तथा नंगल डैम तथा चिंतपूर्णी के लिए पर्यटक यहां से गुजरते हैं। कारणवश आने जाने वालों के लिए पहाड़ी पर लटकी कई जगह से जर्जर यह चट्टान कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
लोक निर्माण विभाग ने हालांकि सप्ताह भर पहले ही चट्टान से नीचे आए मलबे को हटाया है। लेकिन जर्जर चट्टान को अभी भी सहेज कर ही रखा जा रहा है। बीती रात भी भारी बारिश के कारण चट्टान से कई पत्थर सड़क पर गिरे हैं, जिससे कभी भी कोई वाहन इसकी जद में आ सकता है।
स्थानीय निवासी रिशांत डोगरा, राज शर्मा, ओम प्रकाश, पप्पी कुमार, अश्वनी कुमार, बबलू साहनी, कोम राज ने बताया कि यह रास्ता यातायात के लहजे से व्यवस्त हैं। जो लोग स्थानीय हैं वे तो मौसम खराब होने तथा भारी बारिश में दूसरे रास्तों से निकल जाते हैं लेकिन बाहर से आने जाने वालों को पता ना होने की बजह से बड़ा खतरा बना हुआ है। लोक निर्माण बिभाग तथा प्रशासन को चाहिए कि इससे पहले की कोई दुर्घटना हो चट्टान को वहां से हटाया जाए। साथ ही चेतावनी बोर्ड भी लगाया जाए, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
उधर एसडीएम देहरा धनवीर ठाकुर ने कहा अभी इसकी जानकारी उन्हें मिली है। आज या कल ही संबंधित साइट पर जाकर मुआयना किया जाएगा। इसे हटाने की जरूरत पड़ी तो जल्दी हटाएंगे।
