कासगंज/ उत्तर प्रदेश, सूरज विश्वकर्मा
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में पुलिस टीम पर हमला कर सिपाही की हत्या का मुख्य आरोपी मोती का आठ दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस ने सोमवार की रात मुठभेड़ में उसके ममेरे भाई को दबोच लिया। इस दौरान मोती भी उसके साथ था, लेकिन शातिर माफिया फायरिंग करते हुए के सामने खादर में फरार हो गया। पुलिस का दावा है कि उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन सवाल उठ रहा है कि पुलिस की आंखों के सामने आने के बाद माफिया आखिर कहां छिप गया है।
थाना सिढ़पुरा क्षेत्र के गांव नगला धीमर और नगला भिकारी में अवैध शराब की सूचना पर दबिश देने पहुंचे दरोगा अशोक कुमार सिंह और सिपाही देवेंद्र सिंह पर शराब माफिया ने नौ फरवरी की रात हमला कर दिया था। सिपाही की हत्या कर दी गई थी। दरोगा गंभीर रूप से घायल हो गए। इस मामले में अगले ही दिन एक आरोपी एलकार को मुठभेड़ में मार गिराया। मुख्य आरोपी मोती फरार है।
सोमवार की रात मुठभेड़ के बाद माफिया मोती का ममेरा भाई और मौसा तो पुलिस की गिरफ्त में आ गए, लेकिन भाई मौहर सिंह, मानपाल के साथ झाड़ियों में गुम हुआ माफिया मोती ढूंढे नहीं मिल रहा। पुलिस की टीमें इस बात को लेकर हैरान हैं कि आंखों के सामने आया मोती मुठभेड़ के बाद झाड़ियों में कहां गुम है। क्योंकि मुठभेड़ के बाद से लगातार पुलिस की टीमें कॉम्बिंग में जुटी हैं। बदायूं पुलिस भी गंगा की खादर में कॉम्बिंग कर रही है।
सिपाही की हत्या के मुख्य आरोपी मोती के पास कोई मोबाइल नहीं है। ऐसे में सर्विलांस के माध्यम से माफिया की लोकेशन भी ट्रेस करने में सफलता नहीं मिल पा रही है। पुलिस का मानना है कि यदि मोबाइल होता तो शायद कुछ हद तक सफलता मिल जाती।
पुलिस अधीक्षक मनोज सोनकर ने बताया कि पुलिस की टीमें लगातार खादर में कॉम्बिंग कर रही हैं, लेकिन अभी तक मुख्य आरोप मोती और उसके भाइयों का सुराग नहीं लगा है। बता दें कि माफिया मोती पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है।