आईटीआई की छात्राओं ने तैयार किए लेडीज सूट के कई शानदार डिजाइन

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प्लाजो सूट, अंब्रेला सूट और साड़ी इत्यादि के आकर्षक डिजाइनों से दिखाई प्रतिभा।

हमीरपुर 25 जून – हिमखबर डेस्क 

औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, हमीरपुर में बुधवार को प्रशिक्षणार्थियों द्वारा स्वयं बनाए गए परिधानों की फैंसी ड्रेस फैशन रिव्यू प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला रोजगार अधिकारी सुरेंद्र शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

उन्होंने प्रतिभागियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से युवाओं में आत्मविश्वास और व्यावसायिक समझ का विकास होता है।

यह कार्यक्रम विशेष रूप से संस्थान के सिलाई तकनीक, फैशन डिज़ाइन एंड टेक्नोलॉजी तथा सरफेस ऑर्नामेंटेशन टेक्निक्स ट्रेड के सभी प्रशिक्षणार्थियों द्वारा स्वयं तैयार की गई पोशाकों पर आधारित था।

इस आयोजन का उद्देश्य प्रशिक्षणार्थियों की रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता तथा फैशन के क्षेत्र में उनकी कलात्मक अभिव्यक्ति को मंच प्रदान करना था। प्रशिक्षणार्थियों ने विविध विषयों पर आधारित पोशाकों को तैयार उन्हें रैंप पर प्रस्तुत किया।

इससे उनकी सिलाई, डिज़ाइन और सजावट की कुशलता देखने को मिली। इस कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों ने देश की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक परिधानों तथा आधुनिक फैशन के समन्वय को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

परिधानों में पारंपरिक पहाड़ी परिधान सूट, प्लाजो सूट, अंब्रेला कर सूट, ट्यूलिप सलवार सूट, धोती सलवार सूट, अफगानी सलवार सूट, साड़ी और कढ़ाई युक्त सूट का प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने उत्कृष्ट डिजाइनों, साज-सज्जा और प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया।

प्रतियोगिता में निर्णायकों द्वारा मूल्यांकन के उपरांत एसओटी कढ़ाई ट्रेड की प्रशिक्षणार्थी शिपाली शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। फैशन डिज़ाइन एंड टेक्नोलॉजी ट्रेड की प्रशिक्षणार्थी स्मृति ने द्वितीय स्थान हासिल किया तथा सिलाई तकनीक ट्रेड की प्रशिक्षणार्थी अनामिका ने तृतीय द्वितीय स्थान हासिल किया।

प्रधानाचार्य सुभाष चंद शर्मा के बोल 

संस्थान के प्रधानाचार्य सुभाष चंद शर्मा ने सभी प्रतिभागियों और विजेताओं को बधाई दी तथा उन्हें भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक कार्यक्रमों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा को और निखारने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल रचनात्मकता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि प्रशिक्षणार्थियों के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

यह कार्यक्रम प्रशिक्षणार्थियों के लिए न केवल एक प्रतियोगिता थी, बल्कि उनके आत्मविश्वास और व्यावसायिक कौशल को विकसित करने का एक सशक्त मंच भी सिद्ध हुआ।

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