दिल्ली क्रिकेट के गिरते स्तर के लिए कौन जिम्मेदार?

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नवीन चैाहान – दिल्ली

लगातार काफी वर्षो से खराब प्रदर्शन कर रही दिल्ली क्रिकेट रणजी सत्र 2023-24 में बेहद खराब प्रदर्शन कर रही है। अपने पहले ही मैच में दिल्ली की टीम को पुडुचेरी ने हराकर गहरा आघात दिया।

जम्मू के खिलाफ दिल्ली का मैच खराब मौसम के कारण पूरा नहीं हो सका। इस प्रदर्शन के बाद दिल्ली में सलेक्शन को लेकर काफी चर्चा होने लगी।

दिल्ली अपने तीसरे मैच में मुख्य खिलाड़ियों के बिना खेल रही मध्य प्रदेश के खिलाफ बुरी तरह बिखर गई और शर्मनाक पराजय दिल्ली के हाथ लगी।

सीके नायडू ट्राफी अंडर 23 में दिल्ली को मुम्बई के खिलाफ पारी की हार के बाद सवाल उठता है कि दिल्ली क्रिकेट के गिरते स्तर के लिए कौन जिम्मेदार है।

डीडीसीए लीग

दिल्ली लीग को देश की सबसे उच्च कोटि की लीग माना जाता था। देश के विभिन्न प्रदेशों से खिलाड़ी इस लीग में खेलने के आते थे जिससे इस लीग का स्तर उच्च कोटि का रहता था, लेकिन डीडीसीए ने लीग में बाहरी खिलाड़ियों के भाग लेने पर रोक लगाकर लीग स्तर निम्न स्तर पर ला दिया।

खिलाड़ियों के कमी के कारण 12 साल से 60 साल के खिलाड़ी इस लीग में खेलते नजर आए। हैरानी की बाद डीडीसीए एकदिवसीय व टी20 लीग लाल गेंद के साथ सफेद कपड़ों में होती नजर आई।

सबसे बड़ी बात प्रीमियर डिवीजन में शानदार पद्रर्शन करने वाले खिलाड़ियों को स्टेट टीम तो दूर ट्रायल मैचों में प्रदर्शन करने का मौका नहीं दिया गया, ऐसे में बड़ा सवाल है ये लीग किस तरफ अच्छे खिलाड़ी बनाने में सफल होगी।

क्लबों का उद्देश्य

डीडीसीए क्लब खरीद फरोख्त और लीज पे देने का धंधा जोरों पर है, ऐसे में क्या ये क्लब किसी खिलाड़ी को प्रदर्शन के आधार पर अपनी टीमों में जगह दे पाते हैं ये बड़ा सवाल है।

एक और जहां बंगाल जैसे प्रदेशों में क्लब खिलाड़ियों को खेलने के पैसा देते हैं वहीं दिल्ली के क्लब बच्चों से पैसा लेने के लिए मशहूर हैं।

हालांकि कुछ क्लब ऐसे हैं जो लीग में बच्चों से पैसा नहीं लेते। ऐसे में क्लब किसी तरह दिल्ली क्रिकेट को सुधारने का दावा कर सकते हैं।

प्रेसीडेंट की भूमिका

लगातार दिल्ली क्रिकेट के गिरते स्तर पर अभी कोई पहल प्रेसीडेंट की तरफ से नहीं देखी गई है। प्रेसीडेंट पर सलेक्शन में भी भूमिका निभाने के आरोप लगे हैं इन आरोपों की कितनी सत्ययता है, यह भी एक बड़ा प्रश्न है।

डीयूएसयू से पूर्व अध्यक्ष ने सलेक्शन को लेकर पुलिस कम्पलेंट भी की है, ऐसे में प्रेसीडेंट की चुप्पी इस मामले को काफी गम्मीर बनाती है।

खिलाड़ियों को समान अवसर नहीं

दिल्ली क्रिकेट में जुनियर लेवल पर बिना प्रदर्शन खेलने वाले खिलाड़ियों की भरमार रहती है। इसका नजीजा ये रहता है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को जूनियर टीमों में जगह ही मिलना मुश्किल हो जाता है।

जिन खिलाड़यों को मौका मिल भी जाता है सीनियर क्रिकेट में उनके साथ भेदभाव देखा जाता है। इसी का उदाहरण है मंयक रावत व वैभव कांडवाल।

इन खिलाड़यों प्रर्याप्त मौके नहीं दिए जाते और ये खिलाड़ी टीमों में 20 खिलाड़ियों में लगातार तो रहते हैं पर प्लेइंग इलेवन में पर्याप्त मौके नहीं मिलना ही दिल्ली क्रिकेट के गिरते स्तर का मुख्य कारण है।

डीडीसीए इलेक्शन 2024

कुल मिलाकर कहा जाए इस समय दिल्ली क्रिकेट में सब कुछ गलत दिशा में चल रहा है। डीडीसीए इलेक्शन 2024 में ये सारे मुद्दे मुख्य भूमिका निभाते नजर आएंगे।

दिल्ली क्रिकेट से जुड़े लोगों से बातजीत से ये साफ नजर आता है डीडीसीए में हो रहे कामकाज में विरोध बड़ता जा रहा है, देखने वाली बात ये होगी की 2024 में अपेक्श काउंसिल में आने वाले डीडीसीए क्रिकेट को किस तरह आगे लाने के काम कर पाएंगे।

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