रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75

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ज्योतिष आचार्य, अंशुल दिक्षित

रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)

? *स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।*

? *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*

? *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*

घर में बरकत नहीं हो तो

*घर में बरकत नहीं होती तो खडी हल्दी के सात गाँठे और खड़ा नमक कपडे में बांध ले और कटोरी में रख दे घर के किसी भी कोने में, बरकत होगी |*

शांति और आरोग्यता पाने हेतु

*अगर अशांति मिटाना है तो दोनों नथुनों से श्वास ले ॐ शांति शांति जप करें और फिर फूँक मार के अशांति को बाहर फेंक दें | संध्या काल में किया हुआ ये प्रयोग भी अशांति को भागने में बड़ी मदद देगा |

अगर निरोगता करनी है तो आरोग्यता के भाव से श्वास भरें आरोग्य का मन्त्र “नासे रोग हरे सब पीरा जपत निरंतर हनुमंत बीरा ” ऐसा जप करके रोग गया, ऐसा १० बार करें कैसा भी रोगी, कैसा भी अशांत, कैसा भी बिखरा हुआ जीवन हो उसका जीवन संवर जायेगा उसका | तारे नही दीखते है, चंद्रमा नही दीखता है और सूरज अभी आने वाले है वो मन्त्र सिद्धि योग है मनोकामना सिद्धि योग है |

विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

*रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*

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