शिमला – नितिश पठानियां
करीब तीन माह के लंबे ड्राई स्पेल के चलते प्रभावित हुई पेयजल योजनाओं के लिए बारिश और बर्फबारी संजीवनी बनेगी। ताजा हिमपात के कारण जल स्रोतों में भी नई जान आ गई है और बारिश ने भी इनको रिचार्ज कर दिया है। लिहाजा जल शक्ति विभाग भी मान रहा है कि अब कम से कम तीन माह तक पेयजल योजनाओं में पानी की कमी नहीं खलेगी।
जानकारी के अनुसार लंबे समय से बारिश और सर्दियों के शुरुआती सीजन में बर्फबारी ना होने के चलते इसका असर पेयजल योजनाओं पर दिखने आरंभ हो गया था। जिसके कारण प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पानी की दिक्कत भी पेश आने लगी थी।
जल शक्ति विभाग की मानें तो राज्य भर में लंबे समय से बारिश ना होने के कारण लगभग एक सौ पेयजल योजनाएं प्रभावित हो गई थी। हालांकि सूखे के चलते करीब पच्चीस फीसदी तक का असर ही इनमें देखने को मिला। जिससे कुछेक हिस्सों में पानी की किल्लत भी आने लगी थी।
प्राकृतिक जलस्त्रोतों में भी पानी की कमी आ गई थी। उधर, गुरुवार रात से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और बर्फबारी का दौर आरंभ हो गया था और शुक्रवार रात तक यह क्रम जारी रहा। जल शक्ति विभाग का कहना है कि बारिश और बर्फबारी से प्राकृतिक जलस्त्रोतों को बड़ा लाभ होगा और पानी में भी बढ़ोतरी हो गई।
अहम है कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश पेयजल योजनाओं में पानी की आपूर्ति प्राकृतिक जलस्त्रोतों के माध्यम से ही उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जाती है। वहीं ग्रामीण इलाकों में पनिहारे और बावडिय़ां भी पेयजल व्यवस्था का मुख्य जरिया होते है। प्रदेश के में लंबे समय से बारिश ना होने के चलते पनिहार और बाबडिय़ों पर भी सूखे का असर देखने को मिल रहा था।
वहीं पनिहारों में भी पानी में कमी आ गई थी। बहरहाल ड्राई स्पैल के टूटने से पेयजल स्त्रोत रिर्चाज हो गए है। वहीं मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश-बर्फबारी को लेकर पूर्वानुमान लगाया है। नतीजतन पहाड़ों पर ओर अधिक बर्फबारी होती है, तो गर्मियों के सीजन में यह पानी की समस्या को दूर करने में अहम रहेगी।
100 पेयजल योजनाएं प्रभावित
जल शक्ति विभाग की ईएनसी इ. अंजू शर्मा का कहना है कि प्रदेश में लंबे समय से बारिश न होने से राज्य भर में करीब एक सौ पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई और इनमें 25 फीसदी तक का असर पड़ा। बारिश और बर्फबारी से पेयजल योजनाओं को इसका लाभ मिलेगा।
वहीं आगामी कम से कम तीन महीने तक पानी की समस्या नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि पहाड़ों पर आगामी समय में भी बर्फबारी होती है, तो गर्मियों के दौरान भी इसका लाभ पेयजल व्यवस्था के लिए मिलेगा।

