भूखे मरने की कगार पर 25,000 गौवंश, गौसेवकों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन।
सिरमौर – नरेश कुमार राधे
सिरमौर जिले के विभिन्न गौशालाओं से जुड़े दर्जनों गौसेवकों ने प्रदेश की बिगड़ती आर्थिक परिस्थिति और गौवंश के समक्ष खड़े होते खाद्य संकट को लेकर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में बताया गया है कि हिमाचल प्रदेश गौसेवा आयोग द्वारा चारा सहायता राशि (700 रुपये प्रति पशु प्रतिमाह) बीते तीन माह से जारी नहीं की गई है।
इस देरी के कारण 250 से अधिक गौशालाओं में पल रहे करीब 25,000 गौवंश के सामने गंभीर चारा संकट खड़ा हो गया है।
गौसेवकों का कहना है कि यदि शीघ्र सहायता राशि नहीं मिली तो हजारों गौवंश भूख से मरने की कगार पर पहुंच सकते हैं।
- ज्ञापन में गौसेवकों ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि हिमाचल प्रदेश गौ सेवा आयोग द्वारा दी जाने वाली लंबित चारा सहयोग राशि को तत्काल प्रभाव से जारी किया जाए, ताकि गौशालाओं में पल रहे हजारों गौवंश को भोजन की कमी से राहत मिल सके।
- दूसरी मांग के तहत सरकार द्वारा हाल ही में बढ़ाई गई सहयोग राशि को अप्रैल 2025 से लागू करने की अपील की गई है, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच गौशालाओं को कुछ राहत मिल सके।
- तीसरी मांग में यह आग्रह किया गया है कि सरकार भविष्य में आवश्यकतानुसार गौशालाओं को अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी प्रदान करे, जिससे गौवंश की समुचित देखभाल सुनिश्चित हो सके।
ये रहे उपस्थित
यह ज्ञापन सौंपने वालों में सतीश गोयल (टोकियों गौशाला, नाहन रोड), अनूप अग्रवाल (माजरा गौशाला), सचिन ओबरॉय (बहराल गौशाला), अजय संसरवाल (वरिष्ठ गौसेवक), मयंक महावर, वैभव गुप्ता, राकेश शर्मा, हेमंत शर्मा, निखिल शर्मा जैसे समर्पित गौसेवक शामिल रहे।
इसके अलावा दिनेश कुमार और शशिपाल चौधरी, जो कि पेशे से अधिवक्ता हैं, भी इस मुहिम से जुड़े हुए हैं और गौसेवा के लिए समर्पित भाव से काम कर रहे हैं।