शिमला – नितिश पठानियां
संजौली में मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर रूमित सिंह ठाकुर ने कहा कि आज जिस प्रकार से गंभीरता से न्यायालय के भीतर अवैध निर्माण को लेकर सुनवाई की गई 2010 के बाद 14 सालों में पहली मर्तबा प्रदेश सरकार ने मस्जिद की जगह पर अपना दावा पेश किया है, कि यह जगह प्रदेश सरकार की है व वक्फ बोर्ड इस पर कब्जाधारी है। हमें पूर्ण विश्वास है की 5 अक्टूबर की जो न्यायालय द्वारा सुनवाई की तारीख रखी गई है, उसमें सनातन समाज और प्रदेश सरकार के हित में फैसला होगा।
पहली बार सदन के भीतर इस विषय को लेकर अनिरुद्ध सिंह के द्वारा पूरी ताकत से चर्चा की गई। साथ ही मेरा निवेदन प्रदेश के समस्त सनातन समाज के भाई बहनों से मेरा निवेदन है कि जब लोकतांत्रिक कुर्सी पर बैठे हुए एक व्यक्ति ने हिम्मत की है तो हम सभी का कर्तव्य बनता है कि उस व्यक्ति का मनोबल बढ़ाने का काम किया जाए, ताकि और लोग भी हिम्मत करे।
राजनीति करने के चक्कर में कहीं ऐसा न हो कि हम अपने सनातनी योद्धा का ही मनोबल कम कर दे। साथ ही जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार से मेरा निवेदन है कि जब तक फैसला नहीं होता तब तक अवैध निर्माण मस्जिद में बिजली पानी को कट किया जाए, साथ उसे किसी भी प्रकार की गतिविधि के लिए बंद किया जाए ताकि उसमें किसी भी प्रकार की कोई गतिविधि ना की जा सके इसलिए उसे जगह को पूर्णता बंद किया है।
साथ ही बाहर से आ रहे सभी प्रवासियों की गंभीरता से जांच हो, उनके स्थान से बिना जांच पड़ताल के उन्हें हिमाचल प्रदेश में प्रवेश किया जाए। पुलिस द्वारा मात्र आधार कार्ड चेक करके अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, अगर पुलिस प्रशासन द्वारा ऐसा किया गया तो पुलिस विभाग को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
आप सभी प्रदेश के लोगों से मेरा निवेदन है कि संयम बनाए रखें और न्यायालय द्वारा हमारे पक्ष में फैसला देने का इंतजार करें और तब तक जहां पूरे प्रदेश में अवैध तौर पर निर्माण किए गए हैं उनकी जानकारी इकट्ठा करें।

