बैजनाथ – आशुतोष
बीड़ बिलिंग के साथ लगते पर्यटक स्थल वनगोडू वाटरफॉल को देखने आने वाले पर्यटकों को अब शुल्क अदा करना पड़ेगा। सोमवार को वनगोडू वाटरफॉल के समीप गाइडों व ग्रामीणों ने वन विभाग द्वारा जारी फरमानों का कड़ा विरोध जताया।
लोकल गाइड संदीप, अभिषेक कपूर ने बताया कि पर्यटकों से राशि नहीं ली जाए। उन्होंने कहा कि वनगोडू वाटरफॉल को लेकर इस निर्णय से लोगों की आजीविका पर फर्क पड़ेगा व उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। गाइडों ने कहा कि वनगोडू वाटरफॉल का ट्रैक आधे किलोमीटर से भी कम है व गाइड पर्यटकों को वहां ले जाकर उनसे अपनी आजीविका कमाते हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि वनगोडू के साथ-साथ वन विभाग बाड़ी, राजगुंधा व मोनेस्ट्री की भी पर्ची काटी जाए। उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा न तो कोई चुंगी लगाई गई है और न ही कोई सूचना बोर्ड इस बावत लगाया गया है।
आरओ पवन ठाकुर के बोल
उधर, वन विभाग के आरओ पवन ठाकुर ने बताया कि वनगोडू वाटरफाॅल टूरिज्म ईको सोसायटी के तहत जुड़ा हुआ है।सरकार व विभाग के आदेशों के बाद ही वाटरफाॅल पर जाने वाले पर्यटकों से शुल्क लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वनगोडू वाटरफॉल के पास कई लोगों ने अवैध तोर पर अस्थायी टैंट लगाए गए हैं जिसकी शिकायतें वन विभाग के पास आईं थी लेकिन लोग नहीं मान रहे थे।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने बिना बताए आज शुल्क लगाने को लेकर रास्ता रोका गया है, जोकि कानूनन गलत है। उन्होंने कहा कि शुल्क पर्यटकों से लिया जा रहा है न कि ग्रामीणों से।
उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारियाें के समक्ष ग्रामीणों व गाइडों की मांगों को रखा जाएगा व जो भी आदेश मिलेंगे, उसके अनुसार कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा। उधर, बीड़ होटल एसोसिएशन ने भी वन विभाग के इस फरमान का विरोध जताया है।

