हिमाचल में स्मार्ट मीटर से जनता परेशान, बिजली बिल दोगुना, सरकार पर टूटा भरोसा, 300 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा अधूरा, स्मार्ट मीटर बन रहा जनता की जेब पर बोझ, बद्दी नालागढ़ के अधिकारी सादे हैं चुप्पी।
नालागढ – रजनीश ठाकुर
हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह ठाकुर सरकार द्वारा चुनावी वादों में 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का दावा किया गया था, लेकिन यह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ। इसके उलट, सरकार द्वारा शुरू की गई स्मार्ट मीटर योजना ने जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
प्रदेश में बिजली विभाग द्वारा घर-घर में लगाए गए स्मार्ट मीटर के कारण बिजली बिल दोगुने हो गए हैं, जिससे आम जनता में रोष व्याप्त है।
नालागढ़ के निवासियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने से पहले उनके बिजली बिल सामान्य थे, लेकिन अब बिल 2,000-3,000 रुपये से बढ़कर 6,000 रुपये तक पहुंच गए हैं।
नालागढ़ के निवासियों ने बताया कि पुराने मीटर से बिजली बिल उनकी खपत के हिसाब से आता था, और कोई शिकायत नहीं थी। लेकिन स्मार्ट मीटर की रीडिंग पर भरोसा करना मुश्किल हो रहा है।
कई लोगों ने शक जताया कि इन मीटरों में तकनीकी खराबी हो सकती है, जिसके चलते बिल ज्यादा आ रहा है। कुछ का कहना है कि मीटर तेजी से रीडिंग दर्ज करते हैं, जिससे बिजली की खपत गलत तरीके से ज्यादा दिखाई जा रही है।
सीनियर सिटीजन एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश घई ने बताया कि सरकार ने स्मार्ट मीटर लगाने से पहले कोई ट्रायल नहीं किया, जिसके चलते जनता को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने इसे “जनता की जेब पर डाका” करार देते हुए पुराने मीटर वापस लगाने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन करेंगे।
स्थानीय निवासी दर्शन सिंह ने बताया कि स्मार्ट मीटर ने उनके घर का बजट बिगाड़ दिया है। पहले 2,500-3,000 रुपये का बिल आता था, जो अब 6,000 रुपये से अधिक हो गया है।
उन्होंने सरकार पर महंगाई बढ़ाने और वादाखिलाफी का आरोप लगाया। दर्शन सिंह ने कहा कि बिजली विभाग से शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
नालागढ़ बिजली विभाग के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर कैमरे के सामने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया, जिससे जनता का गुस्सा और बढ़ गया है।
लोग अब सरकार से स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर लगाने और बिजली बिल में राहत देने की मांग कर रहे हैं। अगर जल्द कोई कदम नहीं उठाया गया, तो क्षेत्र में आंदोलन की आशंका बढ़ रही है।