हिमाचल में सियासत की मंडी के मोड़, प्रतिभा के नाम के बाद सुखराम का फिर जागा परिवार मोह

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मंडी- नरेश कुमार 

कुलदीप सिंह राठौर कौन होते हैं कांग्रेस का टिकट बांटने वाले.. ये शब्द कभी प्रदेश में संचार क्रांति के मसीहा माने जाते पंडित सुखराम ने हाल में कहे, जब यह सूचना उड़ने लगी थी कि मंडी संसदीय सीट पर उपचुनाव करवाना ही चाहिए। यह और इससे संबद्ध विषयों पर चर्चा के लिए आलाकमान ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को दिल्ली बुलाया था।

भारतीय जनता पार्टी के काम इस सीट पर कोई मंत्री आता है या कोई नया चेहरा, यह देखना बाकी है, लेकिन पंडित सुखराम के बयान से उस कांग्रेस के चुनावी माहौल का पता अवश्य चल रहा है जिसकी अपने भीतरी लोकतंत्र के प्रति अगाध श्रद्धा है।

अब भी न कोई तारीख तय है और न किसी कार्यक्रम की घोषणा हुई है, लेकिन मंडी लोकसभा क्षेत्र के लिए कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों में हलचल शुरू हो गई है। दरअसल नाम सुखराम होने से तमाम सुखों की प्राप्ति होती रहे, यह कहां आवश्यक है।

सुखराम के अपनी ही पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष के प्रति इतने आदरसूचक शब्दों की पृष्ठभूमि में दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह का नाम चलना है। कुलदीप सिंह राठौर ने कुछ मंचों पर कहा था कि प्रतिभा कांग्रेस प्रत्याशी हो सकती हैं।

कांग्रेस जानती है कि वीरभद्र सिंह के परिवार से किसी को टिकट देकर सहानुभूति का लाभ मिलेगा। मंडी से वीरभद्र सिंह ही नहीं, प्रतिभा सिंह भी लोकसभा सदस्य रही हैं। लेकिन पंडित सुखराम भावुक और आग्रही हैं अपने पोते आश्रय शर्मा के लिए।

इधर, भारतीय जनता पार्टी भी सक्रिय है। मुख्यमंत्री उन विधानसभा क्षेत्रों का दौरा पहले ही कर चुके हैं जहां उपचुनाव होने हैं। दिल्ली से आते ही उन्होंने चारों लोकसभा क्षेत्रों में सबसे बड़े मंडी संसदीय हलके के नाचन का दौरा किया और बार-बार कहा कि वह कई बार दिल्ली जाएंगे और वापस आएंगे, क्योंकि यह प्रदेश के विकास का मामला है।

एक सर्वेक्षण की भी चर्चा है जो सर्वेक्षण कम आईना अधिक है। हालांकि यह बात भी सही है कि नामों को लेकर भाजपा चौंकाती है, लेकिन अब तक किसी न किसी मंत्री को ही उपचुनाव के मोर्चे पर भेजने की बातें आ रही हैं। यह शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर भी हो सकते हैं और जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह भी।

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