हिमखबर डेस्क
जिला मुख्यालय के साथ लगते हीरानगर में दो घरों से सालों पुराने चंदन के दो पेड़ों को चोरों द्वारा काटने का मामला सामने आया है।
यह चंदन के पेड़ हीरानगर में ही राजेंद्र और ओपी अत्रि के घर के आंगन में लगे हुए थे। इन दोनों परिवारों ने पुलिस में चंदन के पेड़ काटे जाने की शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
पेड़ के मालिक राजेन्द्र सिंह ने बताया कि काफी सालों से चंदन के पेड़ों की सेवा कर उन्हें बड़ा किया था, लेकिन रात करीब 2:00 बजे अज्ञात चोर पेड़ों को काटकर ले गए हैं।
उन्होंने बताया कि दोनों ही चंदन सफेद चंदन थे और काफी बड़े हो गए थे। उन्होंने बताया कि सुबह पड़ोसियों का फोन आया कि आपके आंगन में एक पेड़ रात को गिर गया है जिस पर आकर देखा तो इस पेड़ को आरी के माध्यम से काटकर कोई ले गया है।
वहीं, पता चला है कि तीन दिन पहले एनआईटी परिसर के अंदर भी तीन चंदन के पेड़ों को अज्ञात लोगों के द्वारा चुराने की बात ही सामने आई है।
दूसरे घर के मालिक ओम प्रकाश अत्री ने बताया कि घर के आगंन में बडा चंदन का पेड़ काफी सालों से था जिसे चोर रात के समय काट कर ले गए हैं और बाकी टहनियां मौके पर ही छोड गए हैं।
उन्होंने बताया कि पुलिस को भी इसकी शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
डीएफओ अंकित कुमार के बोल
मामले को लेकर वन विभाग हमीरपुर के डीएफओ अंकित कुमार ने बताया कि हीरानगर में दो चंदन के पेड़ काटने की सूचना मिलते ही गार्ड को मौके पर भेजकर छानबीन की है।
उन्होंने बताया कि वन विभाग के द्वारा रात्रि के समय पैट्रोलिंग बढाई जा रही है और इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए छानबीन तेज की है।
उन्होंने बताया कि इस तरह की घटना दो दिन पहले एनआईटी परिसर में भी हुई है, जहां से तीन चंदन के पेडों को काटकर चोर ले गए हैं।
उन्होंने बताया कि दिन के अलावा रात के समय भी गश्त तेज की जा रही है, ताकि चोरों का पकडा जा सके।
गौरलतब है कि इस तरह हमीरपुर शहर के सबसे पास इलाके हीरानगर में सालों पुराने चंदन के पेड़ों को काटने की घटना होने पर पुलिस प्रशासन पर भी सीधा-सीधा प्रश्न चिन्ह लग रहा है।
अब पुलिस के द्वारा हीरानगर में सड़क किनारे लगे हुए सीसीटीवी कैमरों की भी पड़ताल की जा रही है ताकि चोरों का पकड़ा जा सके। हालांकि पुलिस और वन विभाग के कर्मचारियों ने भी मौके पर आकर पड़ताल की है लेकिन अभी तक चंदन चुराने वाले चोरों का पता नहीं लग पाया है।