शिमला – नितिश पठानियां
राजस्थान के बाद अब हिमाचल विधानसभा में 12 जून को एक दिवसीय ‘बाल सत्र’ का आयोजन किया जा रहा है। विश्व बाल दिवस के उपलक्ष्य पर ये सत्र आयोजित किया जा रहा है। इस बाल सत्र में 17 साल से कम उम्र के 68 बच्चे भाग ले रहे हैं।
मंडी जिले के सुंदरनगर की दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली जान्हवी का चयन ‘मुख्यमंत्री’ के लिए हुआ है। यह बच्चे हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग के तत्वाधान में तीन माह तक चले ‘बच्चों की सरकार कैसी हो’ अभियान के तहत चुने गए हैं।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने बताया कि बाल सत्र के लिए 68 में से 63 बच्चे हिमाचल के चयनित हुए हैं, जबकि पांच बच्चे अन्य राज्यों के हैं।
बाल सत्र में मुख्यमंत्री समेत मंत्री व सदस्य मौजूद रहेंगे। अध्यक्ष ने कहा कि बच्चों के मनोबल को बढ़ाने के लिए व देश के उज्ज्वल लोकतांत्रिक भविष्य की नींव रखने के लिए बाल सत्र का आयोजन किया जा रहा है।
बच्चों की एंट्री देश भर के कुल नौ राज्यों से आई थी, जिनमें हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, असम व बिहार राज्य है।
आखिरी चरण में बच्चों द्वारा उठाये गए मुद्दों की अहमियत एवं सुझावों की जरूरत के आधार पर 68 बच्चों का चयन किया गया है। सत्र के लिए 40 लड़कियों व 28 लड़कों का चयन हुआ है।
बाल सत्र में सुंदर नगर की जान्हवी मुख्यमंत्री की भूमिका में नजर आएगी। जान्हवी ने वर्तमान परिदृश्य में राजनीति पर अपने विचार रखे और आज के समय में राजनेताओं और सरकार को किस तरह से काम करना चाहिए। इस पर भी अपनी राय रखी।
जान्हवी ने कहा कि राजनीति में पढ़े लिखे लोग आने चाहिए। ताकि देश व प्रदेश का ईमानदारी से आगे बढ़ाया जा सके। हालांकि जान्हवी राजनीति में न जाकर आईपीएस बनना चाहती हैं।
हिमाचल प्रदेश के विभिन्न सांसदों, मंत्रियों, विधायकों, ब्यूरोक्रेट्स, साहित्यकारों और समाज के वरिष्ठ जनों से इन बच्चों ने संवाद स्थापित किया। इन्हीं बच्चों में से मुख्यमंत्री, स्पीकर, कैबीनेट मंत्री और संसदीय सचिव चुने जायेंगे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के तत्वाधान में डिजिटल बाल मेला द्वारा संचालित विधानसभा बाल सत्र बच्चों की आवाज मुखर करने का एक प्रयास है।
‘डिजिटल बाल मेला’ कोरोना के मुश्किल काल में जयपुर के सवाई मानसिंह विद्यालय में पढ़ने वाली जांहवी शर्मा द्वारा शुरु किया गया एक नवाचार है जिसका संचालन फ्यूचर सोसायटी कर रही है।
फ्यूचर सोसायटी पिछले 16 सालों से बच्चों, युवाओँ और महिलाओं की समान भागीदारी के छोटे छोटे प्रयास कर रही है। इसी क्रम में राजस्थान विधानसभा में 14 नवंबर 2021 को राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के तत्वाधान में विधानसभा बाल सत्र का आयोजन किया गया था जिसके मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला थे।

