
कांगड़ा – राजीव जसवाल
पीटीसी (पुलिस ट्रेनिंग सेंटर) डरोह में रविवार को प्रशिक्षण के दौरान गोली चलने में घायल एएसआइ की हालत नाजुक है। साढ़े सात घंटे आपरेशन चलने के बाद भी घायल एएसआइ के शरीर से गोली नहीं निकल सकी। आपरेशन के दौरान 12 यूनिट रक्त चढ़ाना पड़ा, अब गंभीर हालत में आइसीयू में भर्ती किया गया है।
डाक्टर राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल टांडा में उपचाराधीन एएसआइ किशन चंद की हालत गंभीर बनी हुई है। टांडा में साढ़े सात घंटे तक आपरेशन चला, इसके बावजूद किशन चंद को लगी गोली को डाक्टर नहीं निकला पाए हैं। किशन चंद इस वक्त डाक्टरों की निगरानी में है।
बताया जा रहा है कि रविवार रात को जब किशन चंद को टांडा लाया गया तो उसकी गंभीर हालत थी और काफी रक्त बहने के कारण किशन चंद को पीजीआइ भी रेफर नहीं किया जा सका। गंभीर हालत को देखते हुए टांडा मेडिकल कालेज के डाक्टरों ने ही इसका आपरेशन करने का फैसला लिया। रात को नौ बजे शुरू हुआ आपरेशन सुबह के साढ़े चार बजे तक चला। इस दौरान एएसपी दिनेश कुमार व अन्य अधिकारी टांडा मेडिकल कालेज में ही मौजूद रहे।
आपरेशन के दौरान अंदर आए घावों को तो डाक्टरों ने ठीक कर दिया पर किशन चंद के अंदर गई गोली को निकालने में कामयाब नहीं हो पाए। किशन चंद की हालत को देखते हुए रात को ही आपरेशन के बाद आइसीयू में शिफ्ट कर दिया है। आपरेशन के दौरान किशन चंद को करीब 12 यूनिट रक्त की आवश्यकता पड़ी।
हिमाचल प्रदेश के पुलिस जवानों व कांगड़ा सेवियर्स ग्रुप की ओर से यह रक्त की आपूर्ति की गई। कांगड़ा सेवियर्स ग्रुप के कई सदस्य भी टांडा अस्पताल में मौजूद रहे। इस गोली से किशन के ह्रदय को भी नुकसान पहुंचा है। आपरेशन के दौरान ह्रदय में आए घावों को डाक्टरों ने ठीक करने का प्रयास किया है।
यह बोले कांगड़ा के डीएसपी
डीएसपी कांगड़ा मदन धीमान ने कहा कि किशन चंद डाक्टरों की निगरानी में हैं। यह कहना मुश्किल है कि उसकी हालत कैसी है, पर डाक्टरों के प्रयास जारी हैं। उन्होंने माना है कि गोली नहीं निकली है, लेकिन उसकी हालत स्थिर है।
