अयोध्या में ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार सुबह अयोध्या पहुंचे, जहां वह राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराने की ऐतिहासिक रस्म अदा की । इससे पहले प्रधानमंत्री ने सप्त मंदिर में पूजा अर्चना की और फिर राम मंदिर पहुंचे। संघ प्रमुख मोहन भागवत भी राम मंदिर पहुंच चुके हैं।
धर्म ध्वजारोहण के लिए मंत्रोच्चारण करने के बाद प्रधानमंत्री ने राम मंदिर के 161 फुट ऊंचे शिखर पर 2 किलोग्राम वजनी भगवा ध्वज फहराने के लिए बटन दबाया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष विमान से दिल्ली से पहुंचने पर महार्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका भव्य स्वागत किया गया।
इसके बाद वे हेलिकॉप्टर से साकेत कॉलेज पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी साकेत कॉलेज से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक 1.5 किलोमीटर लंबे रोड शो करते हुए पहुंचे। इस दौरान एक किलोमीटर लंबे रामपथ को आठ जोनों में बांटा गया था। हर जोन में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं पारंपरिक थाली, आरती और मालाओं के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
673 दिन बाद ऐतिहासिक पल
यह समारोह रामलला की 22 जनवरी, 2024 को हुई प्राणप्रतिष्ठा के 673 दिन बाद आयोजित हो रहा है। इस अवसर पर पीएम मोदी ने राम जन्मभूमि परिसर में निर्मित सप्त मंदिर का भी उद्घाटन किया। इसी के साथ राम मंदिर निर्माण का कार्य पूर्ण होने की औपचारिक घोषणा भी प्रधानमंत्री द्वारा कर दी गई।
मंगल को विशेष शुभ योग बना
मंगलवार का दिन विशेष रूप से शुभ संयोग के साथ आया है। यह विवाह पंचमी है, जिस दिन भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था। साथ ही आज गुरु तेग बहादुर जी का शहादत दिवस भी है। अयोध्या शहर को 1,000 क्विंटल फूलों से सजाया गया है।
ऐतिहासिक पल के लिए उद्योग, खेल, साहित्य और बॉलीवुड जगत के लगभग 1,000 वीवीआईपी अतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए। साथ ही दो करोड़ रुपए से अधिक दान देने वाले 100 प्रमुख दानदाताओं को भी इस पल के गवाह बने।
ध्वज पर 21 किलो सोना
मंदिर के शिखर पर स्थापित किया गया ध्वज तेज तूफानों में भी सुरक्षित रहेगा और हवा की दिशा बदलने पर बिना उलझे स्वयं घूम जाएगा। ध्वजदंड पर 21 किलोग्राम सोने की परत चढ़ाई गई है, जबकि ध्वज 4 किलोमीटर दूर से भी दिखाई देगा।

