हमीरपुर हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश में कई युवा सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। अब इन युवाओं को सरकार ने खुशखबरी दी है। राज्य चयन आयोग हमीरपुर ने टीजीटी के 937 पदों के लिए आवेदन मांगे हैं। प्रारंभिक शिक्षा विभाग में टीजीटी आर्ट्स, मेडिकल और नॉन मेडिकल के पदों को भरने के लिए ये भर्ती निकाली गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 मई से पात्र अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर वन टाइम रजिस्ट्रेशन करने के बाद इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे। ये सभी पद प्रदेश सरकार की नई भर्ती नीति के चलते ट्रेनी के आधार पर भरे जाएंगे।आवेदन की अंतिम तिथि 3 जुलाई 2025 तय की गई है।
सचिव विक्रम महाजन के बोल
वहीं, हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर सचिव विक्रम महाजन ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा विभाग में टीजीटी के 937 पदों को भरने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है। सरकार की नई भर्ती नीति के अनुसार ट्रेनी आधार पर इन पदों को भरा जाएगा। 30 मई से 3 जुलाई 2025 तक पात्र अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
वेबसाइट पर उलब्ध रहेगी फीस की जानकारी
हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से तमाम भर्ती प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग में सैकड़ों पदों को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। टीजीटी आर्ट्स के 437, टीजीटी नॉन मेडिकल के 343 पद और टीजीटी मेडिकल के 169 पद भरे जाने हैं।
फीस इत्यादि की तमाम जानकारी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी हालांकि अभी ये जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। 30 मई से ये जानकारी भी आयोग की वेबसाइट पर अभ्यर्थियों के लिए सार्वजनिक कर दी जाएगी। नोटिफिकेशन जारी होने से बेरोजगारों को कुछ हद तक राहत मिली है।
ट्रेनी आधार पर होंगी भर्तियां
ये भर्तियां ट्रेनी आधार पर होंगी। बता दें कि प्रदेश में अनुबंध पर दी जाने वाली नौकरी की व्यवस्था को खत्म किया गया है।इसकी जगह अब इसे ट्रेनी नाम दिया गया है। दो साल का ट्रेनी पीरियड़ पूरा करने के बाद इन कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। यानी भविष्य में अब जो भी भर्तियां होंगी वो ट्रेनी के रूप में होंगी।
ट्रेनी को नियमित कर्मचारियों की तरह पेंशन, जीपीएफ और छुट्टी के लाभ नहीं दिए जाएंगे। इन कर्मचारियों को मेडिकल बिलों के भुगतान की सुविधा भी नहीं मिलेगी। इसी तरह से न ही एलटीसी मिलेगा। हिमाचल में अनुबंध व्यवस्था का सिर्फ नाम बदला गया है, लेकिन कर्मचारियों के नियमित होने के नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे। यानी ट्रेनी भर्ती होने के बाद कर्मचारियों को पहले की ही तरह दो साल में नियमित किया जाएगा।