यूपी के खो-खो खिलाडियों ने डीसी आवास के बाहर दिया धरना

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ऊना- अमित शर्मा 

ऊना के इंदिरा मैदान में चल रही राष्ट्रीय खो-खो प्रतियोगिता में यूपी की पहुंची दो टीमों में से एक टीम को खेलने का मौका न मिलने से खफा खिलाड़ियों का रोष जारी है। पहले दिन जहां खिलाड़ियों ने खेल में हिस्सा न मिलने पर आत्महत्या करने की चेतावनी दी थी, वहीं दूसरे दिन रविवार को डीसी आवास ऊना के बाहर आमरण अनशन पर बैठ गए।

खो-खो की कोच प्रीति गुप्ता की अगुवाई में नन्हें बच्चों ने डीसी आवास के बाहर शांतिपूर्ण धरना शुरू किया है। हालांकि डीसी ऊना राघव शर्मा ने स्वयं आकर खिलाड़ियों व कोच से बात की, लेकिन खिलाड़ियों का साफ कहना है कि जब तक प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिलता, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। इतना जरूर है कि डीसी के बात करने के बाद खिलाड़ियों गेट के बाहर से उठकर सामने मैदान में बैठ गए।

ऊना के इंदिरा मैंदान में शुरू हुई 31वीं राष्ट्रीय खो-खो प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश राज्य की दो टीमें पहुंचने से बवाल मच गया। उत्तर प्रदेश खो खो एसोसिएशन की टीम को मार्च पास्ट में भाग न लेने और प्रतियोगिता से बाहर होने के निर्देश भारतीय खो खो महासंघ महासचिव एमएस त्यागी ने दे दिए थे। जिसके बाद टीम के मैनेजर, कोच और खिलाड़ियों के होश उड़ गए।

मामले में एसोसिएशन की टीम कोच एवं खो-खो अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी प्रीति गुप्ता ने एमएस त्यागी पर अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए। प्रतियोगिता में प्रवेश न देने के विरोध में एसोसिएशन ने करीब 22 खिलाड़ियों के साथ डीसी आवास के सामने अनशन और विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया। इसके संबंध में बीते रोज ही टीम के प्रबंधकों ने उत्तर प्रदेश और हिमाचल के मुख्यमंत्रियों को मेल के जरिये विरोध करने की सूचना दे दी थी।

बाकायदा डीसी ऊना राघव शर्मा, एसपी ऊना को भी मेल कर डीसी आवास के बाहर धरना देने की सूचना दी गई। प्रतियोगिता से बाहर की गई टीम एसोसिएशन के कोच प्रीति गुप्ता प्रदेश के करीब 22 बच्चों के साथ डीसी आवास पहुंच गई और अनशन पर बैठ गए।

कोच प्रीति गुप्ता ने कहा कि खिलाड़ी ऊना की राष्ट्रीय स्तर की खो खो प्रतियोगिता में भाग लेने आए हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए उत्तर प्रदेश खो-खो संघ का चुनाव दिल्ली हाइकोर्ट के निर्देश पर रिटायर्ड जस्टिस डीपी सिंह ने कराया था। इसके बाद कानूनन इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बाकायदा 25 हजार रुपये की फीस इंडिया खो खो एसोसिएशन के पास जमा भी कराई।

सैंकड़ों मील का सफर तय करने के बाद शुक्रवार शाम आठ बजे जहां ऊना पहुंच गए थे। लेकिन जब प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर शनिवार सुबह मार्च पास्ट में भाग लेने आए तो एमएस त्यागी ने पूरी टीम को वहां से बाहर जाने के लिए कह दिया। प्रीति गुप्ता का कहना है कि जब तक उनकी टीम को प्रतियोगिता में खेलने का मौका नहीं दिया जाता तब तक वह ऐसे ही धरना प्रदर्शन और आमरण अनशन पर बैठी रहेगी।

डीसी ऊना राघव शर्मा ने बताया कि यूपी की दो टीम के बीच विवाद चल रहा है। एक टीम ने मामला ध्यान में रखा है। कोर्ट के ऑर्डर सहित अन्य दस्तावेज दिए हैं, जिसका अध्ययन करके व खो-खो संघ से बात करके समाधान निकाला जाएगा। यदि इनकी बात सही पाई जाती है, तो खो-खो संघ को बोला जाएगा कि प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का अवसर दिया जाए।

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