हंडूर पर्यावरण संस्था ने उठाई आवाज, लेबर इंस्पेक्टर ने की पुष्टि
सोलन – रजनीश ठाकुर
औद्योगिक क्षेत्र दत्तोवाल में स्थित मास फार्मा केम कंपनी एक बार फिर विवादों में घिर गई है। हंडूर पर्यावरण संस्था की शिकायत के बाद लेबर डिपार्टमेंट ने कंपनी के खिलाफ मिनिमम वेज और श्रम कानूनों के उल्लंघन के आरोपों में मामला दर्ज करते हुए इसे कोर्ट में भेज दिया है।
हंडूर पर्यावरण संस्था के सदस्य अनमोल सिंह राणा ने बताया कि उनकी संस्था ने कंपनी के खिलाफ पहले ही कई विभागों को शिकायत सौंपी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मास फार्मा केम वर्ष 2010 से प्रोडक्शन में है, लेकिन वर्ष 2025 तक उसके पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कंसेंट यानी स्वीकृति प्रमाणपत्र नहीं था। संस्था का दावा है कि बिना पर्यावरणीय अनुमति के कंपनी ने 15 वर्षों तक उत्पादन जारी रखा, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचा।
सिर्फ पर्यावरण ही नहीं, बल्कि कंपनी द्वारा मजदूरों के अधिकारों का भी हनन किया जा रहा था। अनमोल राणा ने बताया कि कंपनी न केवल मिनिमम वेजेज देने में विफल रही, बल्कि कर्मचारियों का ईएसआई और पीएफ भी नियमित रूप से जमा नहीं कर रही थी। श्रमिकों की शिकायत पर जब यह मामला लेबर डिपार्टमेंट के पास पहुँचा, तो लेबर इंस्पेक्टर अमित कुमार ठाकुर ने स्वयं कंपनी में निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई खामियां सामने आईं।
लेबर इंस्पेक्टर अमित कुमार ठाकुर के बोल
लेबर इंस्पेक्टर अमित कुमार ठाकुर ने बताया कि निरीक्षण में स्पष्ट रूप से पाया गया कि कंपनी ने लेबर एक्ट का उल्लंघन किया है। मजदूरों को निर्धारित न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा था और अन्य श्रम कानूनों का पालन भी नहीं किया जा रहा था। इन सभी तथ्यों के आधार पर विभाग ने कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर कोर्ट में भेज दिया है।
हंडूर पर्यावरण संस्था ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि वह पर्यावरण और श्रमिक अधिकारों की रक्षा के लिए भविष्य में भी आवाज उठाते रहेंगे। संस्था ने आरोप लगाया कि अन्य विभाग अब तक कार्रवाई करने से बचते रहे हैं, और कुछ तो कंपनी को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने औद्योगिक क्षेत्र में काम कर रही अन्य कंपनियों के लिए भी एक चेतावनी का संदेश दिया है कि नियमों की अवहेलना अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।